अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Tesla ने भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए मौजूदा तिमाही में सर्विस और बॉडीशॉप नेटवर्क के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में नई सुविधाएं जोड़ने की तैयारी कर रही है। साथ ही आने वाले महीनों में अधिक राज्यों में डिलीवरी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी टेस्ला इंडिया के कंट्री हेड Sharad Agarwal ने दी।
कंपनी ने हाल ही में भारत में छह-सीटर Tesla Model Y L लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 61.99 लाख रुपये है। इसके साथ टेस्ला का भारत में प्रोडक्ट पोर्टफोलियो अब 59.89 लाख रुपये से 67.89 लाख रुपये के बीच हो गया है। Model Y L लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन है, जिसकी रेंज WLTP साइकिल के अनुसार 681 किमी तक बताई गई है।
टेस्ला की भारत में एंट्री के बाद कंपनी ने मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में एक्सपीरियंस सेंटर खोले हैं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में सर्विस सेंटर और डिलीवरी हब भी स्थापित किए गए हैं। हाल ही में पुणे में एक नया सर्विस सेंटर और बॉडीशॉप भी शुरू किया गया है।
अग्रवाल के अनुसार, टेस्ला का सर्विस मॉडल पारंपरिक ऑटो कंपनियों से अलग है। कंपनी कई समस्याओं को रिमोट डायग्नोस्टिक्स और सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए हल कर सकती है, जिससे ग्राहकों को सर्विस सेंटर जाने की जरूरत कम पड़ती है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को “पीस ऑफ माइंड” देना है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी टेस्ला तेजी से काम कर रही है। कंपनी भारत में अब तक पांच सुपरचार्जर स्टेशन स्थापित कर चुकी है। हाल ही में नवी मुंबई के नेक्सस सीवुड्स मॉल में एक सुपरचार्जर स्टेशन शुरू किया गया, जो भारत में मॉल के अंदर पहला टेस्ला चार्जिंग पॉइंट है। आने वाले समय में दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई को चार्जिंग कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है।
टेस्ला का फोकस होम चार्जिंग पर भी है। कंपनी का कहना है कि वह 28 राज्यों में होम चार्जिंग इंस्टॉलेशन की सुविधा दे सकती है और देश के किसी भी शहर में इसे सक्षम बनाने की क्षमता रखती है।
भारत में टेस्ला पारंपरिक डीलरशिप मॉडल के बजाय डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर रणनीति अपना रही है। ग्राहक ऑनलाइन वाहन ऑर्डर कर सकते हैं और कंपनी सीधे उनके घर तक डिलीवरी करती है। सितंबर 2025 से शुरू हुई डिलीवरी के बाद टेस्ला अब तक 21 राज्यों में अपनी कारें पहुंचा चुकी है।
हालांकि, उच्च आयात शुल्क (100% तक) के कारण टेस्ला की गाड़ियां प्रीमियम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे फिलहाल बिक्री वॉल्यूम सीमित रहने की संभावना है। इसके बावजूद, कंपनी भारत में अपने दीर्घकालिक विस्तार के तहत औद्योगिक ऊर्जा भंडारण (इंडस्ट्रियल एनर्जी स्टोरेज) सेक्टर में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है।
टेस्ला का कहना है कि वह भारत में अपने बिजनेस को “ब्लॉक बाय ब्लॉक” मजबूत नींव के साथ विकसित कर रही है और आने वाले समय में इसका विस्तार और तेज होगा।