फ्रांसीसी ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी वैलेओ (Valeo) ने भारत में अपने विस्तार को गति देने के लिए अगले तीन वर्षों में 200 मिलियन यूरो से ज्यादा निवेश की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी की वैश्विक Elevate 2028 रणनीति के तहत किया जाएगा, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिफिकेशन और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) पोर्टफोलियो को मजबूत करना है। कंपनी के सीईओ Christophe Périllat ने भारत में तेज़ी से बढ़ते तकनीकी बदलाव पर भरोसा जताते हुए देश में दीर्घकालिक वृद्धि का लक्ष्य दोहराया।
कंपनी अपने इलेक्ट्रिफिकेशन कारोबार पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसमें इलेक्ट्रिक मोटर, ऑन-बोर्ड चार्जर, इन्वर्टर और बैटरी कूलिंग सिस्टम जैसे उत्पाद शामिल हैं। इस निवेश का बड़ा हिस्सा भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्थानीयकरण को मजबूत करने में लगाया जाएगा। इसके लिए कंपनी अपने पुणे और चेन्नई प्लांट का विस्तार कर रही है।
एडीएएस (ADAS) तकनीकों के क्षेत्र में भी कंपनी तेजी से स्थानीय उत्पादन बढ़ा रही है, जिसमें पार्किंग सेंसर, कैमरा और रडार सिस्टम शामिल हैं। बढ़ते सुरक्षा मानकों और एसयूवी की मांग के कारण इन तकनीकों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य भारत में “लोकल-फॉर-लोकल” रणनीति के तहत देश में बेचे जाने वाले अधिकांश उत्पादों का निर्माण यहीं करना है।
भारत में कंपनी के छह उत्पादन प्लांट पुणे, चेन्नई और साणंद में संचालित हैं तथा 7,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी दोपहिया सेगमेंट में भी विस्तार कर रही है और हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) के साथ उन्नत राइडर असिस्टेंस सिस्टम विकसित कर रही है। वैलेओ (Valeo) का लक्ष्य 2028 तक भारत से राजस्व को लगभग 700 मिलियन यूरो तक बढ़ाना है।