2025 में तेलंगाना टेक सेक्टर में फंडिंग में बड़ी गिरावट और अधिग्रहण गतिविधियां बढ़ीं: रिपोर्ट

2025 में तेलंगाना टेक सेक्टर में फंडिंग में बड़ी गिरावट और अधिग्रहण गतिविधियां बढ़ीं: रिपोर्ट

2025 में तेलंगाना टेक सेक्टर में फंडिंग में बड़ी गिरावट और अधिग्रहण गतिविधियां बढ़ीं: रिपोर्ट
यह स्थिति बताती है कि निवेश कुछ चुनिंदा शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) के सेक्टरों तक सीमित रहा, न कि पूरे सेक्टरों में व्यापक बदलाव देखने को मिला।


पूंजी मुख्य रूप से एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन और एनवायरनमेंट टेक सेक्टर में केंद्रित रही। इसमें खास भूमिका Qapita, Kshema और Qucev की रही। यह स्थिति बताती है कि निवेश कुछ चुनिंदा शुरुआती चरण (अर्ली-स्टेज) के सेक्टरों तक सीमित रहा, न कि पूरे सेक्टरों में व्यापक बदलाव देखने को मिला।

Tracxn द्वारा जारी तेलंगाना टेक एनुअल फंडिंग रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में तेलंगाना के टेक इकोसिस्टम में फंडिंग की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस साल निवेश कम रहा, लेट-स्टेज फंडिंग में तेज गिरावट आई और इसके साथ ही अधिग्रहण (Acquisition) गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई। यह संकेत देता है कि कंपनियां तेज विस्तार के बजाय सावधानी और समेकन की रणनीति अपना रही हैं।

साल 2025 में राज्य की टेक कंपनियों ने कुल 236 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। यह राशि 2024 के 674 मिलियन डॉलर की तुलना में 64% कम है और 2023 के 244 मिलियन डॉलर से लगभग 3% कम है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि 2025 की फंडिंग 2024 से काफी कम रही, लेकिन 2024 से पहले के स्तर के करीब बनी रही, जो निवेशकों के बढ़ते सतर्क रवैये को दर्शाता है।

सबसे बड़ी गिरावट लेट-स्टेज फंडिंग में देखने को मिली। 2025 में इस चरण में केवल 14.8 मिलियन डॉलर जुटाए गए, जो 2024 के 405 मिलियन डॉलर से 96% कम और 2023 के 37.1 मिलियन डॉलर से 60% कम है। पूरे साल में 100 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा का कोई भी फंडिंग राउंड नहीं हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश से दूरी और वैल्यूएशन में बदलाव साफ दिखता है।

इसके विपरीत, सीड और अर्ली-स्टेज फंडिंग में अपेक्षाकृत स्थिरता रही। 2025 में सीड-स्टेज निवेश 62.1 मिलियन डॉलर रहा, जो 2024 से 21% कम, लेकिन 2023 से 14% ज्यादा है। वहीं, अर्ली-स्टेज फंडिंग 159 मिलियन डॉलर तक पहुंची, जो सालाना आधार पर 17% कम, लेकिन 2023 से 5% ज्यादा रही। यह दर्शाता है कि निवेशक अभी भी शुरुआती चरण की तकनीकी रूप से मजबूत कंपनियों का समर्थन कर रहे हैं, हालांकि चयन प्रक्रिया ज्यादा सख्त हो गई है।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो 2025 में एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन, फिनटेक और एनवायरनमेंट टेक ने सबसे ज्यादा फंडिंग हासिल की। एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन सेक्टर को 115 मिलियन डॉलर मिले, जो 2024 से कम लेकिन 2023 से दोगुने से ज्यादा हैं। फिनटेक कंपनियों ने 65.2 मिलियन डॉलर जुटाए, जो 2024 से थोड़ा ज्यादा लेकिन 2023 से कम रहे। वहीं, एनवायरनमेंट टेक सेक्टर में 59.7 मिलियन डॉलर की फंडिंग हुई, जो पिछले दोनों वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा रही, हालांकि इसमें कुछ ही बड़े सौदे शामिल थे।

एग्ज़िट गतिविधियों में भी बढ़ोतरी देखी गई। 2025 में तेलंगाना की टेक कंपनियों ने 12 अधिग्रहण सौदे पूरे किए, जबकि 2024 में यह संख्या 5 और 2023 में 6 थी। सबसे बड़ा सौदा Honasa Consumer द्वारा Reginald Men का 21.7 मिलियन डॉलर में अधिग्रहण रहा। इसके बाद Krafton ने Nautilus Mobile को 14 मिलियन डॉलर में खरीदा।

IPO गतिविधि में कोई बदलाव नहीं हुआ। 2025 में भी सिर्फ एक कंपनी EPW India ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की, जैसा कि पिछले दो वर्षों में हुआ था। साल 2025 में कोई नया यूनिकॉर्न नहीं बना, जो 2023 से जारी रुझान को दर्शाता है। सीड-स्टेज में pi Ventures, IvyCap Ventures Advisors और India Accelerator सक्रिय रहे, जबकि अर्ली-स्टेज में Sorin, JAFCO Asia और Athera ने निवेश किया।

लगातार दूसरे साल, तेलंगाना में जुटाई गई पूरी फंडिंग हैदराबाद स्थित कंपनियों को ही मिली, जिससे राज्य में निवेश का केंद्रीकरण राजधानी तक सीमित होने की बात सामने आती है।

कुल मिलाकर, 2025 के आंकड़े एक ज्यादा अनुशासित और सतर्क टेक इकोसिस्टम की ओर इशारा करते हैं, जहां निवेश शुरुआती नवाचार पर केंद्रित है, लेट-स्टेज जोखिम सीमित है और एग्ज़िट्स मुख्य रूप से रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए हो रहे हैं, न कि पब्लिक मार्केट्स के माध्यम से। यह रुझान पूरे भारत में बदलते बाजार हालात के बीच निवेशकों की नई सोच और अपेक्षाओं को दर्शाता है।


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