स्पेसटेक स्टार्टअप BAAS Technologies ने प्री-सीड फंडिंग में जुटाए 5 करोड़ रुपये

स्पेसटेक स्टार्टअप BAAS Technologies ने प्री-सीड फंडिंग में जुटाए 5 करोड़ रुपये

स्पेसटेक स्टार्टअप BAAS Technologies ने प्री-सीड फंडिंग में जुटाए 5 करोड़ रुपये
BAAS Technologies रिसर्च संस्थानों और कमर्शियल स्पेस कंपनियों के लिए दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले (Reusable) सब-ऑर्बिटल और ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करती है।


नासिक में पंजीकृत स्पेसटेक स्टार्टअप BAAS Technologies ने Inflection Point Ventures की अगुवाई में आयोजित प्री-सीड फंडिंग राउंड में 5 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस निवेश दौर में SINE IIT Bombay और कई निजी एंजेल निवेशकों ने भी भाग लिया। साल 2024 में तनमय कानमहाले, प्रशांत पाटिल, स्वयं सोनार, अथर्व पिंगले और श्रीनिवास हासे द्वारा स्थापित BAAS Technologies रिसर्च संस्थानों और कमर्शियल स्पेस सेक्टर के लिए दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले सब-ऑर्बिटल और ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल विकसित करती है।

कंपनी अपने स्वयं के सॉलिड और लिक्विड रॉकेट प्रोपल्शन सिस्टम भी डिजाइन और विकसित कर रही है। इसके अलावा, पुणे में बनने वाली 100 kN क्षमता की रॉकेट प्रोपल्शन टेस्टिंग फैसिलिटी स्टैटिक फायर टेस्टिंग, इंजन वैलिडेशन और व्यावसायिक उपयोग (Commercialisation) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सुविधा कंपनी के अगले विकास चरण को गति देने में भी मदद करेगी।

कंपनी इस फंड का उपयोग लिक्विड और सॉलिड प्रोपल्शन सिस्टम पर रिसर्च एवं डेवलपमेंट (R&D), स्टैटिक टेस्टिंग फैसिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, आवश्यक उपकरण और कच्चा माल खरीदने, इंजीनियरिंग एवं ऑपरेशंस टीम का विस्तार करने, नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) पूरा करने तथा आने वाले इंजन और फ्लाइट टेस्टिंग चरणों के लिए करेगी।

इस निवेश पर Inflection Point Ventures के, को-फाउंडर अंकुर मित्तल ने कहा, "BAAS एक एंड-टू-एंड लॉन्च व्हीकल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है, जो कंपनी की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता और वैश्विक स्पेस इकोनॉमी की बढ़ती जरूरतों की गहरी समझ को दर्शाता है। किफायती और भरोसेमंद लॉन्च समाधान विकसित करके कंपनी छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष तक पहुंचाने से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बाजार जरूरत को पूरा कर रही है। हमें विश्वास है कि BAAS बढ़ती मांग का लाभ उठाते हुए भारत को वैश्विक स्पेसटेक इनोवेशन हब बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।"

निवेश पर प्रतिक्रिया देते हुए BAAS Technologies के सीईओ और को-फाउंडर तनमय कानमहाले (Tanmay Kanmahale) ने कहा, "स्पेस सेक्टर में काम करने वाले फाउंडर के रूप में, जहां जटिलता और जोखिम के कारण कई आइडियाज शुरुआती चरण में ही खारिज कर दिए जाते हैं, वहां सही निवेशक का मिलना पूंजी जुटाने जितना ही महत्वपूर्ण होता है। हम ऐसे निवेशकों के साथ काम करना चाहते हैं, जिनकी सोच और दीर्घकालिक दृष्टि हमारी तरह हो। Inflection Point Ventures के साथ यह निवेश दौर BAAS के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे हमें अपने लॉन्च व्हीकल विकसित करने, इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करने और भारत के निजी स्पेस सेक्टर को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।"

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