यह स्टार्टअप नर्सिंग प्रवेश परीक्षाओं और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए वीडियो-आधारित और AI-संचालित शिक्षा मंच प्रदान करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर तैयारी और व्यावहारिक स्वास्थ्य कौशल विकसित करने में मदद करना है।
प्लेटफॉर्म पर पर्सनलाइज्ड लर्निंग मॉड्यूल, क्लिनिकल सिचुएशन सिमुलेशन और ऑटोमैटिक असेसमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ व्यावहारिक स्वास्थ्य सेवा कौशल मजबूत करने में सहायता मिलती है।
NPrep: नर्सिंग शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करेगा
NPrep का लक्ष्य भारत में नर्सिंग शिक्षा और कार्यबल की तैयारी के बीच बढ़ते अंतर को कम करना है। कंपनी छात्रों को डिजिटल लर्निंग के साथ-साथ करियर सपोर्ट, मॉक इंटरव्यू, रिज्यूमे गाइडेंस और प्लेसमेंट सहायता भी देती है। बता दें कि इसके प्लेटफॉर्म पर 1,400 घंटे से अधिक वीडियो कंटेंट, AI मेंटर, परीक्षा डेटा आधारित प्रश्न और पर्सनल प्रदर्शन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हैं, जो बेहतर परीक्षा परिणाम हासिल करने में मदद करती हैं।
इसकी उपलब्धियों की अगर बात करें तो, सिर्फ 10 महीनों में भारत की 1 लाख से अधिक नर्सें इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। अब तक 6 मिलियन मिनट से अधिक वीडियो देखे जा चुके हैं और 31 मिलियन से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर दिए जा चुके हैं।
इस स्टार्टअप की स्थापना डॉ. प्रिंस कौशिक (CEO), डॉ. उत्कर्ष पालीवाल (CSO) और डॉ. गौरव खुराना (COO) ने की है, जो ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जोधपुर के पूर्व छात्र हैं।
नियाज़ लायक (पार्टनर- लुमिकाई) ने कहा कि यह निवेश AI-आधारित शिक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से वास्तविक प्रभाव पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, खासकर ऐसे समय में जब भारत वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रतिभा का बड़ा स्रोत बन रहा है।
डॉ. प्रिंस कौशिक ने कहा कि AI के साथ एडटेक तेजी से बदल रहा है। NPrep का लक्ष्य AI और विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से स्वास्थ्य शिक्षा और करियर विकास को अधिक सुलभ बनाना है।
NPrep में कई निवेशकों की भागीदारी, AI प्लेटफॉर्म विस्तार की योजना
इस फंडिंग राउंड में All In Capital, Velo Partners, DSP Group के फैमिली ऑफिस और विरेन शेट्टी (एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, नारायणा हेल्थ) सहित कई एंजेल निवेशकों ने भाग लिया। यह निवेश न केवल स्टार्टअप के व्यवसायिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत में तकनीक आधारित नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।
इस फंडिंग के माध्यम से कंपनी अपने AI-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म को और उन्नत बनाने की योजना बना रही है। इसके तहत नए कोर्स और परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री जोड़ी जाएगी, साथ ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद AI टूल्स और लर्निंग एल्गोरिद्म को और बेहतर किया जाएगा ताकि छात्रों को अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी अध्ययन अनुभव मिल सके।
कंपनी का लक्ष्य देशभर के अधिक से अधिक नर्सिंग छात्रों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ने वाले युवाओं तक पहुंच बनाना है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जाएगा, नए लर्निंग मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे और छात्रों को परीक्षा तैयारी, करियर मार्गदर्शन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
साथ ही विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह के निवेश से AI-संचालित शिक्षा प्लेटफॉर्म न केवल परीक्षा तैयारी को आसान बनाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहतर प्रशिक्षित और कुशल पेशेवर तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।