इन बदलावों के तहत अब अंग्रेजी की किताबों को तैयार करने में विदेशी लेखकों के बजाय भारतीय शिक्षाविदों और लेखकों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी शैक्षणिक वर्ष से छात्रों को यह नया और स्वदेशी सिलेबस पढ़ने को मिलेगा।
NCERT ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में व्यापक संशोधन किए हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि इन बदलावों से सिलेबस अधिक स्पष्ट, संतुलित और पहले की तुलना में थोड़ा छोटा हो गया है। नई पुस्तक में भारतीय साहित्य और भारतीय लेखकों की रचनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सुधा मूर्ति का एक अध्याय शामिल किया गया है, वहीं महान कवि और साहित्यकार रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं को भी जगह दी गई है।
NCERT के एक अधिकारी के अनुसार, पहले इस पुस्तक में कुल 29 अध्याय होते थे, जिन्हें अब घटाकर 16 कर दिया गया है। पहले इन 29 अध्यायों में से लगभग 15 अध्याय विदेशी या अंतरराष्ट्रीय लेखकों द्वारा लिखे गए थे। यह व्यवस्था वर्ष 2006-07 से लेकर 2025-26 के शैक्षणिक सत्र तक जारी रही, लेकिन अब नई नीति के तहत इसमें बदलाव किया गया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि पहले कक्षा 9 में अंग्रेजी की दो अलग-अलग किताबें होती थीं, लेकिन अब उन्हें कम करके एक ही पुस्तक कर दिया गया है। इस नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम 'कावेरी' रखा गया है। इस पुस्तक का पहला अध्याय सुधा मूर्ति की पुस्तक 'How I Taught My Grandmother to Read and Other Stories' से लिया गया है, जो वर्ष 2004 में प्रकाशित हुई थी।
नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक को राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा 2023 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें कई भारतीय लेखकों की रचनाओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से तमिल के महान कवि सुब्रमण्यम भारती, नागा लेखिका टेमसुला आओ, प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर और असमिया उपन्यासकार और मित्रा फुकन जैसे साहित्यकार शामिल हैं।
NCERT के अधिकारियों का कहना है कि नई पुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System – IKS) को विशेष महत्व दिया गया है। नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक के 16 अध्यायों में से 8 अध्याय भारतीय लेखकों द्वारा लिखे गए हैं, जबकि 6 अध्याय अंतरराष्ट्रीय लेखकों की रचनाओं से लिए गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, साहित्य और ज्ञान परंपरा से जोड़ना है।