AI टूल्स से AI टीममेट्स तक: Agentic AI बदल रहा है सीखने और काम करने का तरीका

AI टूल्स से AI टीममेट्स तक: Agentic AI बदल रहा है सीखने और काम करने का तरीका

AI टूल्स से AI टीममेट्स तक: Agentic AI बदल रहा है सीखने और काम करने का तरीका
AI अब केवल सवालों के जवाब देने वाला टूल नहीं रहा, बल्कि ऐसा डिजिटल सहयोगी बनता जा रहा है जो योजना बना सकता है, काम कर सकता है और कम मानवीय निगरानी में बेहतर परिणाम दे सकता है।


AI अब सिर्फ एक ऐसा टूल नहीं है, जो दिए गए निर्देशों का जवाब देता हो। यह तेजी से ऐसे AI टीममेट के रूप में विकसित हो रहा है, जो योजना बना सकता है, कई चरणों वाले कार्य पूरे कर सकता है और कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ बेहतर परिणाम दे सकता है। इसे एजेंटिक शिफ्ट (Agentic Shift) कहा जा रहा है, जिसमें AI सिस्टम कई चरणों वाले कार्यों को संभाल सकते हैं, अलग-अलग टूल्स का उपयोग कर सकते हैं और वास्तविक समय (Real-Time) में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं। हालांकि इसका प्रभाव हर नौकरी पर समान नहीं है। डेटा प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स और बिजनेस लीडर्स पर इसका असर अलग-अलग है, लेकिन एक बात सभी के लिए समान है। अब पेशेवरों को केवल काम करने के बजाय AI को सही दिशा देना, उसके परिणामों की जांच करना और अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी लेना सीखना होगा।

काम करने से जिम्मेदारियां सौंपने तक

AI के इस बदलाव ने काम करने के तरीके को पूरी तरह बदलना शुरू कर दिया है। पहले लोग AI का इस्तेमाल केवल कंटेंट लिखने जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए करते थे, लेकिन अब एजेंटिक AI पूरी वर्कफ्लो संभाल सकता है। यह समस्या को समझने से लेकर समाधान तैयार करने तक कई काम खुद कर सकता है। अब एक डेवलपर हर लाइन का कोड लिखने के बजाय AI आधारित सिस्टम तैयार करने पर ध्यान देता है, जबकि बिजनेस लीडर AI से मिले सुझावों का विश्लेषण कर अंतिम निर्णय लेते हैं। Deloitte के अनुसार, लगभग 60% अधिकारी अब निर्णय लेने में AI की मदद ले रहे हैं। वहीं Gartner का अनुमान है कि 2027 तक आधे से अधिक व्यावसायिक निर्णय AI की मदद से लिए जाएंगे या पूरी तरह स्वचालित हो जाएंगे। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण कौशल केवल काम पूरा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि AI द्वारा दिए गए परिणाम सही, उपयोगी और जिम्मेदारीपूर्ण हों।

केवल सामान्य AI ज्ञान पर्याप्त नहीं

AI के बढ़ते उपयोग के साथ केवल AI टूल्स की सामान्य जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले पेशेवरों के लिए AI की जरूरतें अलग हैं। केवल AI का सामान्य ज्ञान होने से कई बार लोग AI द्वारा दिए गए परिणामों को बिना जांचे सही मान लेते हैं। उदाहरण के लिए, डेटा विशेषज्ञ को AI मॉडल में संभावित पक्षपात (Bias) समझना होगा, डेवलपर को सिस्टम की दीर्घकालिक क्षमता पर ध्यान देना होगा और बिजनेस लीडर को AI द्वारा दिए गए पूर्वानुमानों के पीछे की मान्यताओं को परखना होगा। इसलिए भविष्य में वही लोग आगे बढ़ेंगे, जिनके पास अपने क्षेत्र की गहरी समझ के साथ AI का सही ज्ञान भी होगा।

बदल रही हैं पेशेवरों की भूमिकाएं

AI का प्रभाव अब अलग-अलग पेशों में साफ दिखाई देने लगा है। डेटा और AI विशेषज्ञों के लिए अब डेटा प्रोसेसिंग और मॉडल ट्यूनिंग जैसे कई काम AI खुद कर सकता है, जिससे वे परिणामों की गुणवत्ता और उनके व्यावसायिक उपयोग पर ध्यान दे सकते हैं। बिजनेस लीडर्स के लिए AI अब निर्णय लेने में सक्रिय सहयोगी बन गया है, जो रियल-टाइम पूर्वानुमान और रणनीतिक सुझाव देता है। वहीं डेवलपर्स का काम केवल कोड लिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वे ऐसे सुरक्षित, भरोसेमंद और बुद्धिमान सिस्टम तैयार कर रहे हैं, जिनमें कई AI एजेंट एक साथ काम कर सकें।

अब संरचित सीखना क्यों है जरूरी

हालांकि AI जितना अधिक सक्षम हो रहा है, उतना ही एक बड़ा जोखिम भी सामने आ रहा है। कई पेशेवर AI द्वारा दिए गए जवाबों पर बिना उनकी कार्यप्रणाली समझे भरोसा करने लगे हैं। जबकि किसी उत्तर को तैयार करना और उसकी सत्यता की पुष्टि करना दो अलग-अलग बातें हैं। AI कई बार ऐसे परिणाम दे सकता है, जो देखने में सही लगते हैं लेकिन वास्तव में गलत होते हैं। इसलिए चाहे कोई मार्केटिंग विशेषज्ञ हो या वित्त क्षेत्र का अधिकारी, AI के सुझावों का मूल्यांकन करना और अंतिम निर्णय लेना हमेशा इंसान की जिम्मेदारी रहेगी।

यही कारण है कि आज संरचित (Structured) सीखने का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। प्रभावी प्रशिक्षण पहले मूल अवधारणाओं को स्पष्ट करता है और उसके बाद व्यावहारिक अभ्यास तथा वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अवसर देता है। इससे पेशेवर केवल AI का उपयोग करना ही नहीं सीखते, बल्कि उसकी सीमाओं और संभावित जोखिमों को भी समझते हैं। आज जब AI के माध्यम से असीमित जानकारी उपलब्ध है, तब व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण सीखना ही सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है।

AI-नेटिव प्रोफेशनल्स का बढ़ता दौर

इस बदलाव के साथ अब एक नए प्रकार के पेशेवर उभर रहे हैं, जिन्हें "AI-नेटिव प्रोफेशनल" कहा जा रहा है। ऐसे लोग केवल AI टूल्स चलाना नहीं जानते, बल्कि AI के साथ मिलकर काम करना, उसके परिणामों की जांच करना और अपने क्षेत्र की विशेषज्ञता के आधार पर सही निर्णय लेना भी जानते हैं। कंपनियां भी अब ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं, जो AI का केवल उपयोग ही नहीं, बल्कि उसका जिम्मेदारी के साथ संचालन और नियंत्रण भी कर सकें। ऐसे समय में किसी संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त विशेषज्ञता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

भविष्य AI-Ready लोगों का होगा

AI टूल्स से AI टीममेट्स की ओर यह बदलाव अब शुरू हो चुका है। ऐसे में पेशेवरों को केवल AI का उपयोग करने तक सीमित रहने के बजाय उसे सही दिशा देने, उसके परिणामों का मूल्यांकन करने और जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। वहीं संगठनों को भी अपनी प्रतिभा विकसित करने के तरीकों पर नए सिरे से विचार करना होगा। भविष्य उन्हीं लोगों का होगा, जो केवल AI से परिचित (AI-Aware) नहीं, बल्कि AI के लिए पूरी तरह तैयार (AI-Ready) होंगे।


(लेखक: डॉ. पवनकुमार गुरजाडा, एसोसिएट डायरेक्टर – AI/Data Science, Great Learning। लेख में व्यक्त विचार उनके निजी हैं।)

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