भारत में कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार परिवर्तन (PM-SETU) योजना के तहत गुजरात के सूरत ITI क्लस्टर को मंजूरी दे दी है। करीब 240 करोड़ रुपये की इस उद्योग-नेतृत्व वाली परियोजना का नेतृत्व आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) करेगा, जबकि NAMTECH इसका अकादमिक साझेदार होगा। यह गुजरात में PM-SETU के तहत स्वीकृत होने वाली पहली प्रमुख परियोजनाओं में से एक है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने सूरत ITI के दौरे के दौरान इस परियोजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि अब उद्योग केवल रोजगार देने वाली इकाई नहीं रहेगा, बल्कि प्रतिभा तैयार करने में भी सक्रिय भागीदार बनेगा।
'भविष्य की नौकरियों के अनुसार बदलने होंगे क्लासरूम'
इस अवसर पर जयंत चौधरी ने कहा, "भारत में कौशल विकास का एक नया मॉडल विकसित हो रहा है, जिसमें उद्योग केवल नौकरी देने वाला नहीं, बल्कि प्रतिभा तैयार करने वाला भी बन रहा है। PM-SETU के तहत सूरत क्लस्टर को मंजूरी इस सोच को मजबूत करती है कि वर्तमान क्लासरूम को भविष्य की नौकरियों के अनुरूप डिज़ाइन किया जाना चाहिए। सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों की ऐसी साझेदारी से विश्वस्तरीय संस्थानों की नींव रखी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में भारत के विनिर्माण और नवाचार क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।"
सरकारी ITI बनेंगे उद्योग-संचालित उत्कृष्टता केंद्र
PM-SETU योजना का उद्देश्य सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) को आधुनिक, उद्योग-संचालित और भविष्य के कौशलों पर आधारित उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) में बदलना है। यह परियोजना राज्य सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी का उदाहरण है। गुजरात राज्य संचालन समिति द्वारा तकनीकी मूल्यांकन और अनुमोदन के बाद इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई।
हब-एंड-स्पोक मॉडल पर होगा संचालन
इस परियोजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें ITI सूरत मुख्य हब संस्थान होगा, जबकि ITI सूरत (महिला), ITI हजीरा, ITI बारडोली और ITI सचिन सहयोगी (स्पोक) संस्थानों के रूप में कार्य करेंगे।
इस क्लस्टर का उद्देश्य ऐसा आधुनिक कौशल पारिस्थितिकी तंत्र (Skill Ecosystem) तैयार करना है, जो गुजरात के तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इसमें एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्टील, इंजीनियरिंग, प्रोसेस इंडस्ट्री, टेक्सटाइल और इंडस्ट्री 4.0 जैसी उभरती तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
AM/NS India निभाएगी अहम भूमिका
देश की प्रमुख स्टील निर्माता कंपनियों में शामिल AM/NS India इस परियोजना में अपनी औद्योगिक विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण अनुभव उपलब्ध कराएगी। कंपनी पहले से ही उद्योग-एकीकृत प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम, Industry 4.0 आधारित कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और NAMTECH जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण दे रही है। इसी अनुभव का लाभ अब सूरत ITI क्लस्टर को मिलेगा।
पांच वर्षों में 240 करोड़ रुपये का निवेश
इस परियोजना के तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 240 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस राशि का उपयोग ITI परिसरों के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं की स्थापना, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, नए पाठ्यक्रमों के विकास, फैकल्टी प्रशिक्षण और उद्योग-आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य है कि संस्थानों को केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि ऐसे आधुनिक स्किलिंग हब बनाया जाए, जहां विद्यार्थी उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
25 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा लाभ
इस परियोजना के माध्यम से अगले पांच वर्षों में करीब 25,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 3,528 नई प्रशिक्षण सीटें भी जोड़ी जाएंगी। क्लस्टर के तहत मौजूदा ट्रेड्स को आधुनिक बनाया जाएगा, नई तकनीकों से जुड़े दीर्घकालिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे युवाओं को रोजगार और अप्रेंटिसशिप के अधिक अवसर मिलेंगे।
उद्योग-शिक्षा साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
AM/NS India और उसके अकादमिक साझेदार NAMTECH ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहल भारत के कौशल विकास मिशन को नई गति देगी। कंपनी के कार्यकारी निदेशक एवं उप मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (Deputy CTO) संतोष मुंधडा ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों के लिए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कौशल विकास के नए मॉडल की ओर बढ़ता भारत
विशेषज्ञों का मानना है कि सूरत ITI क्लस्टर की मंजूरी केवल एक नई परियोजना नहीं, बल्कि भारत के कौशल विकास मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत है। PM-SETU के तहत उद्योग, सरकार और शिक्षण संस्थानों की साझेदारी से ऐसा मॉडल विकसित किया जा रहा है, जो शिक्षा को सीधे रोजगार और उद्योग की जरूरतों से जोड़ता है।
यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा और भारत की बढ़ती विनिर्माण अर्थव्यवस्था, 'मेक इन इंडिया', 'विकसित भारत 2047' और भविष्य के उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय कुशल कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।