हरियाणा में उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज (MRIIRS), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी (SVSU) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के तहत राज्य के तीन प्रमुख सरकारी और निजी विश्वविद्यालय शोध, नवाचार और ज्ञान साझा करने के लिए एक साझा मंच पर साथ आए हैं। यह हरियाणा में अपनी तरह का पहला सहयोग है, जिसमें तीन प्रमुख विश्वविद्यालय एक साथ जुड़े हैं।
इस साझेदारी के तहत तीनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सम्मेलन, कार्यशालाएं, ज्ञान आदान-प्रदान तथा प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे। साथ ही स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के शोध कार्यों का संयुक्त मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम को बेहतर बनाना, शैक्षणिक मानकों का विकास, शोध प्रकाशन, नई तकनीकों का विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिसर्च फंडिंग के अवसरों में संयुक्त भागीदारी भी की जाएगी। यह सहयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप बहु-विषयक शिक्षा, क्रेडिट मोबिलिटी और अन्य शैक्षणिक पहलों को भी बढ़ावा देगा।
MRIIRS के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव ने कहा, "विश्वविद्यालय तब सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जब वे एक-दूसरे से सीखते हैं। विभिन्न संस्थानों की शैक्षणिक विशेषज्ञता को साथ लाने से बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, शोध मजबूत होगा और छात्रों व शिक्षकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही छात्र ऐसे भविष्य के लिए तैयार होंगे, जहां जटिल चुनौतियों का समाधान मिलकर काम करने से ही संभव है।"
इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तीनों संस्थान एक संयुक्त समन्वय समिति (Joint Coordination Committee) का गठन करेंगे। यह समिति सहयोग से जुड़े कार्यों की पहचान करेगी, उनकी प्रगति की समीक्षा करेगी और आपसी सहमति से कार्ययोजनाओं को लागू करेगी। SVSU के साथ साझेदारी के तहत दोनों संस्थान Academic Bank of Credits (ABC) व्यवस्था और प्रस्तावित एमए पब्लिक पॉलिसी कार्यक्रम के माध्यम से शैक्षणिक आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी काम करेंगे।
MRIIRS की कार्यकारी निदेशक एवं डीन (अंतरराष्ट्रीय मामलों एवं सहयोग) प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी एस. खुराना ने कहा, "इस सहयोग में प्रत्येक संस्थान अपनी अलग-अलग विशेषज्ञता लेकर आया है। अकादमिक उत्कृष्टता, कौशल आधारित शिक्षा और उद्योग से जुड़ाव का यह मेल संयुक्त शिक्षण, शोध और छात्र विकास के नए अवसर पैदा करेगा तथा विश्वविद्यालयों के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करेगा।"
MRIIRS की कार्यकारी निदेशक एवं डीन (अकादमिक) डॉ. मोनिका गोयल ने कहा, "यह साझेदारी संयुक्त पाठ्यक्रम विकास, शोध मार्गदर्शन, शोध प्रकाशन और फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण और शोध को समृद्ध बनाएगी। इससे शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा और छात्रों के सीखने के अनुभव बेहतर होंगे।"
इन समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित एक व्याख्यान श्रृंखला और MoU आदान-प्रदान समारोह के दौरान किए गए। इस कार्यक्रम में तीनों विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक नेतृत्व ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान व्याख्यान, विचार-विमर्श और MoU का आदान-प्रदान हुआ, जिसने उच्च शिक्षा में सहयोग की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी अवसर पर प्रो. (डॉ.) संजय श्रीवास्तव ने "गीता का शाश्वत ज्ञान और नेतृत्व की कला" विषय पर व्याख्यान भी दिया।
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता और कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए प्रभावी नेतृत्व के नौ प्रमुख गुणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक नेता का चरित्र किस प्रकार संस्थानों को दिशा देता है, जिम्मेदार नेतृत्व को प्रेरित करता है और बेहतर समाज के निर्माण में योगदान देता है। उनके विचारों ने भारतीय ज्ञान परंपरा की आज भी प्रासंगिकता को उजागर किया।