भारत की उच्च शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु इंडोनेशिया में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस स्थापित करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहल भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को आगे बढ़ाने वाली बड़ी पहल मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Prabowo Subianto) के साथ संयुक्त वक्तव्य में इस परियोजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कैंपस केवल इंडोनेशिया के विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ASEAN क्षेत्र के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा का नया केंद्र बनेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों की साझेदारी को नई गति मिलेगी।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार IIM बेंगलुरु इस परियोजना को दो चरणों में लागू करेगा। पहले चरण में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं, उद्यमियों और सार्वजनिक क्षेत्र के पेशेवरों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले Executive Education Programmes शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य कार्यरत पेशेवरों को बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, नेतृत्व, नवाचार और आधुनिक प्रबंधन से जुड़े कौशल प्रदान करना होगा, ताकि वे तेजी से बदलती कारोबारी और प्रशासनिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
पहले चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण में नियमित डिग्री प्रदान करने वाले प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके लिए IIM बेंगलुरु और इंडोनेशिया के सिंगहसारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) के प्रबंधन एवं विकास निकाय के बीच औपचारिक समझौता किया जाएगा। यह सहयोग दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को भी मजबूत करेगा।
दो चरणों में विकसित होगा अंतरराष्ट्रीय कैंपस
प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय परिसर इंडोनेशिया के मलांग स्थित सिंगहसारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में स्थापित किया जाएगा। यह परिसर मुख्य रूप से इंडोनेशिया के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा, लेकिन इसका लाभ दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को भी मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य भारत की गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सुलभ बनाना है।
इस कैंपस में पढ़ने वाले प्रतिभागियों को बेंगलुरु स्थित IIM परिसर में अल्पकालिक शैक्षणिक भ्रमण (Academic Immersion) का अवसर भी मिलेगा। इस दौरान वे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार संस्कृति, उद्योग जगत, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कारोबारी वातावरण को करीब से समझ सकेंगे। इससे छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने और भारत की आर्थिक प्रगति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस परिसर का पाठ्यक्रम आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था और उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं (Global Supply Chains), डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जलवायु परिवर्तन, सतत विकास (Sustainability) और स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही उद्योग जगत के वरिष्ठ विशेषज्ञों, अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों और वैश्विक नेतृत्व से संवाद के अवसर भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह पहल भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक तथा कूटनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा में सहयोग दोनों देशों के बीच ज्ञान, शोध, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण के नए अवसर पैदा करेगा। इससे इंडोनेशिया क्षेत्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा, जबकि भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों के लिए शिक्षा और नेतृत्व विकास का विश्वसनीय साझेदार बनने की दिशा में और आगे बढ़ेगा।
वैश्विक शिक्षा में भारत की बढ़ती भूमिका
भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों का विदेशों में विस्तार लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले IIM अहमदाबाद ने दुबई में, IIT दिल्ली ने अबू धाबी में और IIT मद्रास ने तंजानिया के जांजीबार में अपने अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित किए हैं। अब IIM बेंगलुरु का इंडोनेशिया में विस्तार भारतीय उच्च शिक्षा की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य को भी मजबूत करती है, जिसके तहत भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और विश्वस्तरीय शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसके माध्यम से भारतीय संस्थानों को विदेशी छात्रों को आकर्षित करने, वैश्विक शोध सहयोग बढ़ाने और शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को गति देने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि IIM बेंगलुरु का इंडोनेशिया कैंपस केवल एक नया शैक्षणिक परिसर नहीं होगा, बल्कि यह भारत की ज्ञान-आधारित कूटनीति, वैश्विक शैक्षणिक नेतृत्व और शिक्षा निर्यात (Education Export) की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। यह पहल भारतीय प्रबंधन शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगी और भारत को गुणवत्तापूर्ण, किफायती तथा नवाचार आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने वाले प्रमुख वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।