Glass Jar Interactive को सरकारी अनुदान, IIIT लखनऊ के CREATE इनक्यूबेशन प्रोग्राम में हुआ शामिल

Glass Jar Interactive को सरकारी अनुदान, IIIT लखनऊ के CREATE इनक्यूबेशन प्रोग्राम में हुआ शामिल

Glass Jar Interactive को सरकारी अनुदान, IIIT लखनऊ के CREATE इनक्यूबेशन प्रोग्राम में हुआ शामिल
अनुदान की वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।


ग्लास जार इंटरएक्टिव (Glass Jar Interactive) जो DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त वीडियो गेम और मनोरंजन स्टूडियो है,  इसने सरकार समर्थित अनुदान प्राप्त किया है और वर्तमान में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) लखनऊ के क्रिएट इनक्यूबेशन सेंटर में इसका विकास हो रहा है। बता दें कि अनुदान की वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है।

यह स्टार्टअप उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत मान्यता प्राप्त है। क्रिएट इनक्यूबेशन कार्यक्रम में शामिल होने से यह एक संस्थागत रूप से समर्थित इकोसिस्टम का हिस्सा बन जाता है, जो प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता और प्रारंभिक चरण के नवाचार पर केंद्रित है।

क्रिएट (कॉन्फेडरेशन फॉर रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप एंड टेक्नोलॉजी इनेबलमेंट) IIIT लखनऊ का इनक्यूबेशन और उद्यमिता केंद्र है। यह केंद्र उत्तर प्रदेश सरकार के स्टार्ट इन यूपी कार्यक्रम के तहत मान्यता प्राप्त है। यह स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, अकादमिक मार्गदर्शन, तकनीकी बुनियादी ढांचा और राज्य एवं राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।

ग्लास जार इंटरएक्टिव के, को-फाउंडर और डायरेक्टर रौनक कावलू (Raunaq Kavalu) ने कहा "वैश्विक दर्शकों के लिए भारत से गेम बनाना धैर्य, रचनात्मक स्वतंत्रता और सही संस्थागत समर्थन की मांग करता है। IIIT लखनऊ में CREATE का हिस्सा होने से हमें प्रयोग करने, सीखने और वैश्विक गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए मौलिक बौद्धिक संपदा (IP) बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।"

ग्लास जार इंटरएक्टिव वर्तमान में अपनी पहली मौलिक बौद्धिक संपदा 'घटिका' (Ghatika) पर काम कर रही है। कावालू ने बताया "घटिका एक कथा-आधारित एक्शन-एडवेंचर गेम है जो अभी निर्माणधीन है। एक काल्पनिक दुनिया में स्थापित, यह गेम एक साम्राज्य के पतन की कहानी को आगे बढ़ाएगा, जिसमें खिलाड़ी को बचे हुए लोगों के एक समूह का नेतृत्व करना होगा और अपने लोगों के रहस्यों को उजागर करना होगा।"

भारत में स्थित ग्लास जार इंटरएक्टिव, मौलिक बौद्धिक संपदा (IP) पर आधारित गेम डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें इंटरैक्टिव कहानी कहने और गेमप्ले-केंद्रित अनुभवों पर जोर दिया जाता है। स्टूडियो का लक्ष्य सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक होने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रासंगिक गेम बनाना है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत सरकार घरेलू गेमिंग और मीडिया इकोसिस्टम को मजबूत करने पर अपना ध्यान बढ़ा रही है। अनुमान है कि भारतीय मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का हो जाएगा, जिसमें गेमिंग भविष्य की वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities