डॉ. निरंजन हीरानंदानी के अनुसार, भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर का सफर केवल सड़कों, उद्योगों और शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहा है। अब यह बुद्धिमत्ता (Intelligence), नवाचार (Innovation) और प्रतिभा निर्माण (Talent Creation) पर आधारित नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि Infrastructure 4.0 का मतलब केवल भौतिक ढांचा तैयार करना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए बौद्धिक (Intellectual) इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है। इसमें Artificial Intelligence (AI), Cloud Computing और Semiconductors जैसी आधुनिक तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
Infrastructure 4.0 के तहत सड़कों, पुलों, ऊर्जा ग्रिड और अन्य भौतिक परिसंपत्तियों (Physical Assets) को डिजिटल तकनीकों से जोड़ा जाता है। इसमें Internet of Things (IoT), Artificial Intelligence (AI) और Building Information Modeling (BIM) जैसी तकनीकों का उपयोग कर संचालन को अधिक कुशल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाता है।
Entrepreneur India Investment Forum 2026 में संबोधित करते हुए Hiranandani Group के संस्थापक डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि "भारत के विकास का अगला चरण Infrastructure 4.0 से संचालित होगा।"
उन्होंने बताया कि उनका फैमिली ऑफिस Nidar Group, जो मुंबई स्थित है, ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने इतिहास के सबसे बड़े रेलवे विस्तार और आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रहा है। साथ ही देश ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि Indian Railways, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक मजबूत स्तंभ है, ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.67 अरब टन (1.67 Billion Tonnes) माल ढुलाई (Freight Loading) का नया रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि भारत की लॉजिस्टिक्स क्षमता में लगातार हो रही वृद्धि को दर्शाती है।
डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि भारत अब 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की नाममात्र जीडीपी (Nominal GDP) का आंकड़ा पार कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू मांग के दम पर भारत के वर्ष 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। उन्होंने कहा, "देश इसलिए समृद्ध नहीं बनते क्योंकि वे पहले से विकसित होते हैं, बल्कि वे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करते हैं, जो समय बचाता है, कनेक्टिविटी बढ़ाता है और व्यापार को नई दिशा देता है।"
रियल एस्टेट क्षेत्र के दिग्गज डॉ. हीरानंदानी का मानना है कि आवास (Housing) भी देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) और विभिन्न राज्य सरकारों की किफायती आवास योजनाएं, जिनमें वित्तीय सहायता, कम ब्याज दरें और रियायती भूमि उपलब्ध कराई जाती है, सही दिशा में उठाए गए कदम हैं।
उन्होंने कहा, "भारत केवल नई परियोजनाएं नहीं बना रहा, बल्कि अपनी अर्थव्यवस्था को नए सिरे से डिजाइन कर रहा है। आवास केवल पूंजी खर्च नहीं करता, बल्कि नई आर्थिक गतिविधियों और विकास को जन्म देता है।"
डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा अब केवल निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नई संभावनाओं का निर्माण कर रही है। सड़कों, रेलवे, डिजिटल नेटवर्क और अब बौद्धिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से भारत वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वास्तविक विकास का पैमाना केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं हैं, बल्कि लोगों की क्षमता, कौशल (Skilling) और नवाचार है। यदि भारत अपनी युवा प्रतिभा को सही कौशल और आधुनिक तकनीक से जोड़ता है, तो वही देश की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, "इंफ्रास्ट्रक्चर वह आधार है, जहां कल्पना आर्थिक वास्तविकता में बदलती है। हर किलोमीटर का निर्माण नई संभावनाओं को जन्म देता है। निवेश वहीं आता है, जहां विश्वास होता है, और विश्वास मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से बनता है। भारत आज केवल वर्तमान की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक नेतृत्व की क्षमता तैयार कर रहा है।"