Quick Clean ने जुटाए ₹133 करोड़, AI आधारित लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर देगी जोर

Quick Clean ने जुटाए ₹133 करोड़, AI आधारित लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर देगी जोर

Quick Clean ने जुटाए ₹133 करोड़, AI आधारित लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर देगी जोर
ऑन-प्रिमाइज़ (On-Premise) लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनी Quick Clean ने सीरीज़ B फंडिंग दौर में 14 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब ₹133 करोड़) जुटाए हैं।


इस निवेश का नेतृत्व Stakeboat Capital ने किया, जबकि मौजूदा निवेशकों Alkemi Growth Capital और Blue Ashva Capital ने भी इस फंडिंग राउंड में भाग लिया।

कंपनी इस नई पूंजी का उपयोग भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने, AI आधारित लॉन्ड्री संचालन, ऑटोमेशन, प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस (Predictive Maintenance) और टिकाऊ (Sustainability) तकनीकों में निवेश बढ़ाने के लिए करेगी। इसके अलावा Quick Clean दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) और मध्य पूर्व (Middle East) के बाजारों में भी अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना बना रही है।

Quick Clean की स्थापना वर्ष 2010 में अंशुल गुप्ता और अंकुर गुप्ता ने की थी। कंपनी Build-Own-Operate (BOO) मॉडल पर काम करती है, जिसके तहत होटल और अस्पताल अपनी लॉन्ड्री सेवाओं को कंपनी के माध्यम से संचालित कर सकते हैं, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन स्थल पर ही बनाए रखते हैं।

वर्तमान में कंपनी 38 शहरों में 140 से अधिक ऑन-प्रिमाइज़ लॉन्ड्री सुविधाओं का संचालन कर रही है। Quick Clean प्रतिदिन 1 लाख किलोग्राम से अधिक लिनेन (Linen) की प्रोसेसिंग करती है और उसके साथ 1,500 से अधिक कर्मचारी जुड़े हुए हैं।

अगले पांच वर्षों में कंपनी भारत के हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर पर विशेष ध्यान देते हुए अपने ऑन-प्रिमाइज़ लॉन्ड्री नेटवर्क को बढ़ाकर 500 से अधिक सुविधाओं तक पहुंचाने की योजना बना रही है। कंपनी का कहना है कि इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और तकनीक आधारित समाधानों के जरिए परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) भी बेहतर होगी।

फंडिंग पर टिप्पणी करते हुए Quick Clean के फाउंडर और सीईओ अंशुल गुप्ता ने कहा कि यह निवेश कंपनी के उस विजन पर भरोसे को दर्शाता है, जिसके तहत संस्थागत लॉन्ड्री सेवाओं को तकनीक आधारित और पेशेवर ढंग से संचालित इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवसाय में बदलने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, "हम दुनिया की सबसे बड़ी ऑन-प्रिमाइज़ लॉन्ड्री इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनाना चाहते हैं। यह निवेश हमें भारत में अपनी मजबूत स्थिति को और बेहतर बनाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में मदद करेगा।"

Stakeboat Capital के मैनेजिंग डायरेक्टर गिरीश पाटिल ने कहा कि Quick Clean ने मजबूत परिचालन क्षमता और वैश्विक उपकरण निर्माताओं के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के आधार पर एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत में हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर के लगातार विस्तार के साथ Quick Clean के पास बाजार में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करने का बड़ा अवसर है और उनकी कंपनी इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित है।

मौजूदा निवेशक Alkemi Growth Capital की फाउंडर अलका गोयल ने कहा कि स्वच्छता, संक्रमण की रोकथाम (Infection Prevention) और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग को देखते हुए समय के साथ उनकी कंपनी का Quick Clean पर भरोसा और मजबूत हुआ है। Quick Clean के ग्राहकों में Marriott, Taj, Hyatt, Radisson, ITC Hotels, AIIMS, Lilavati Hospital और Bombay Hospital जैसे प्रमुख होटल और स्वास्थ्य सेवा संस्थान शामिल हैं।

कंपनी ने अपनी सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पहलों का भी उल्लेख किया। कंपनी के अनुसार, उसकी लॉन्ड्री प्रक्रिया में प्रति किलोग्राम लिनेन की प्रोसेसिंग के लिए लगभग 8 लीटर पानी का उपयोग होता है, जबकि उद्योग का औसत करीब 24 लीटर है। कंपनी का दावा है कि अब तक उसने 457 मिलियन लीटर से अधिक पानी की बचत की है और 60 मिलियन किलोग्राम से अधिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान दिया है। इससे ग्राहकों को पर्यावरणीय प्रदर्शन बेहतर बनाने के साथ-साथ परिचालन लागत घटाने में भी मदद मिल रही है।


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