युवा उद्यमियों और नवाचारकों को मिलेगा नया मंच, जयंत चौधरी ने शुरू किया ‘नवाचार मंत्र’

युवा उद्यमियों और नवाचारकों को मिलेगा नया मंच, जयंत चौधरी ने शुरू किया ‘नवाचार मंत्र’

युवा उद्यमियों और नवाचारकों को मिलेगा नया मंच, जयंत चौधरी ने शुरू किया ‘नवाचार मंत्र’
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने देशभर के जमीनी स्तर के नवाचारकों और शुरुआती चरण के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘नवाचार मंत्र’ नामक एक नई राष्ट्रीय पहल शुरू की है।


इस कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों से उभर रहे नवाचारों को मजबूत समर्थन प्रदान करना है। यह पहल टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के नवाचारकों को सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत से जोड़ने का काम करेगी, ताकि उनके विचारों को व्यवसाय और सामाजिक समाधान के रूप में विकसित किया जा सके।

IIT दिल्ली में हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

इस पहल का शुभारंभ कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary ने IIT दिल्ली में किया। इस अवसर पर नीति-निर्माता, स्टार्टअप जगत के प्रतिनिधि, निवेशक और युवा उद्यमी भी मौजूद रहे।

मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी 5 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे नवाचारों की पहचान करना है जिनमें बड़े स्तर पर प्रभाव पैदा करने की क्षमता हो।

भारत को तकनीक का निर्माता बनाने पर जोर

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान जयंत चौधरी ने कहा कि भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक का निर्माता बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया केवल भारत में बने उत्पादों का ही उपयोग न करे, बल्कि भारत में कल्पना और विकसित की गई तकनीकों का भी इस्तेमाल करे। यही ‘नवाचार मंत्र’ की वास्तविक भावना है।

उन्होंने कहा कि भारत की विविधता, प्रतिभा और स्थानीय समस्याओं की समझ उसे वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित करने में विशेष बढ़त प्रदान करती है। उन्होंने युवाओं को ऐसे विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया जो केवल व्यावसायिक अवसर ही नहीं, बल्कि समाज के लिए सार्थक बदलाव भी ला सकें।

उद्देश्य और जुनून से प्रेरित नवाचारों को मिलेगा बढ़ावा

जयंत चौधरी ने कहा कि सबसे प्रभावशाली नवाचार अक्सर उन्हीं लोगों से आते हैं जो अपने काम को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि एक उद्देश्य और जुनून के रूप में देखते हैं। उन्होंने युवाओं से ऐसे समाधान विकसित करने का आह्वान किया जो समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करें।


उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन, संसाधनों और अवसरों की है। ‘नवाचार मंत्र’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

NIESBUD और IIT दिल्ली मिलकर करेंगे संचालन

इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) द्वारा लागू किया जाएगा। वहीं IIT दिल्ली की Foundation for Innovation and Technology Transfer (FITT) तकनीकी ज्ञान साझेदार की भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम का फोकस एग्रीटेक, हेल्थटेक, एजुटेक, जलवायु समाधान, ग्रामीण वाणिज्य और MSME विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रहेगा। इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले युवाओं को विशेष अवसर और सहयोग प्रदान किया जाएगा।

नवाचारकों को मिलेगा मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच

मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उन क्षेत्रों से आने वाले नवाचारकों के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित इकोसिस्टम तैयार करना है, जिन्हें अब तक पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए हैं। चयनित प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से मेंटरशिप, फंडिंग संबंधी मार्गदर्शन, बाजार तक पहुंच, नियामकीय सहायता और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा उन्हें पायलट प्रोजेक्ट्स और उद्योग साझेदारी का भी लाभ मिलेगा।

कई चरणों में होगा चयन

‘नवाचार मंत्र’ के तहत चयन प्रक्रिया कई चरणों में आयोजित की जाएगी। इसमें शिक्षा जगत, उद्योग, निवेश संस्थानों और सरकारी निकायों के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो उच्च क्षमता वाले विचारों और स्टार्टअप्स की पहचान करेंगे।

चयनित नवाचारकों को एक वर्ष तक चलने वाले विशेष कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इस दौरान उन्हें मेंटरशिप सत्र, वेबिनार, निवेशकों के साथ संवाद और नवाचार प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगा बल

कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को व्यवसाय विकास, बौद्धिक संपदा (IP), फंड जुटाने और कारोबार के विस्तार से जुड़ी रणनीतियों पर भी सहायता प्रदान की जाएगी।

‘नवाचार मंत्र’ की एक प्रमुख विशेषता राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की भी है। इसके तहत डिजिटल अभियान, पॉडकास्ट और विभिन्न नवाचार कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यापक मंच मिलेगा। कार्यक्रम का समापन एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी के साथ होगा, जिसमें नवाचारक, निवेशक और नीति-निर्माता एक साथ शामिल होंगे।

मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर तथा उद्यमिता-आधारित ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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