JBM Auto की इकाई JBM Ecolife Mobility ने Motilal Oswal Group की वैकल्पिक निवेश शाखा Motilal Oswal Alternates (MO Alternates) से ₹750 करोड़ का निवेश हासिल किया है। JBM Ecolife Mobility इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, संचालन और रखरखाव (Operation & Maintenance) के क्षेत्र में कार्य करती है। कंपनी का कहना है कि इस पूंजी का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाली, ऊर्जा-कुशल और आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती को तेज़ करने के लिए किया जाएगा।
इस निवेश सौदे में EY ने JBM Ecolife Mobility के लिए विशेष वित्तीय सलाहकार (Exclusive Financial Advisor) की भूमिका निभाई, जबकि Trilegal और Khaitan & Co. ने कानूनी सलाहकार के रूप में काम किया। कंपनी के अनुसार, JBM Auto और JBM Ecolife Mobility का संयुक्त ऑर्डर बुक 10,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का है, जिनमें कई बसें पहले से संचालित हो रही हैं और शेष विभिन्न परियोजनाओं के तहत तैनात की जा रही हैं।
JBM ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चीन के बाहर दुनिया की सबसे बड़ी समर्पित एकीकृत इलेक्ट्रिक बस निर्माण इकाइयों में से एक स्थापित की है। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 20,000 इलेक्ट्रिक बसों की है।
JBM Auto के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निशांत आर्य ने कहा, “JBM Ecolife Mobility के विकास के अगले चरण में Motilal Oswal के साथ साझेदारी करके हमें खुशी हो रही है। वित्त वर्ष 2026 में भारतीय इलेक्ट्रिक बस बाजार में हमारी मजबूत स्थिति को देखते हुए यह रणनीतिक निवेश विभिन्न राज्यों में हमारी ई-बस तैनाती को और तेज़ करेगा। इससे शहरों में स्वच्छ वायु और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बाजार है और सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण (Electrification) की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में JBM की लगभग 3,400 इलेक्ट्रिक बसें देशभर में संचालित हो रही हैं और अगले 12 महीनों में यह संख्या बढ़कर 5,000 बसों तक पहुंचने की उम्मीद है।
निशांत आर्य के अनुसार, उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं और आधुनिक फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम के साथ JBM इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए मजबूत स्थिति में है। कंपनी का लक्ष्य बड़े पैमाने पर स्वच्छ, टिकाऊ और तकनीक-संचालित सार्वजनिक परिवहन समाधान उपलब्ध कराना है।