भारत में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए JBM Auto Ltd. की सहायक कंपनी जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी (JBM Ecolife Mobility) ने
मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स् (Motilal Oswal Alternates) से 750 करोड़ का दीर्घकालिक रणनीतिक निवेश हासिल किया है। यह निवेश देशभर में इलेक्ट्रिक बस परिचालन के विस्तार और स्वच्छ परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने में सहायक होगा।
कंपनी के अनुसार, इस निवेश के माध्यम से विभिन्न राज्य परिवहन प्राधिकरणों के साथ दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत लगभग 2,000 नई इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शून्य-उत्सर्जन (Zero Emission) सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और भारत के सतत विकास एवं शहरी गतिशीलता लक्ष्यों को समर्थन देना है।
जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी (JBM Ecolife Mobility) ने बताया कि प्राप्त पूंजी का उपयोग ऊर्जा-कुशल इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े और उनसे संबंधित बुनियादी ढांचे के विस्तार में किया जाएगा। कंपनी का अनुमान है कि प्रस्तावित बस तैनाती से वाहनों के परिचालन काल में लगभग 2.5 बिलियन किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी और करीब एक अरब लीटर डीजल की बचत होगी।
वर्तमान में कंपनी भारत के विभिन्न शहरों में लगभग 3,400 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रही है। अगले 12 महीनों में इस संख्या को बढ़ाकर लगभग 5,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, इस विस्तार से 7,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) की वैकल्पिक निवेश इकाई मोतीलाल ओसवाल ऑल्टरनेट्स् (Motilal Oswal Alternates) ने कहा कि यह निवेश उसकी स्थिरता-आधारित अवसंरचना और दीर्घकालिक अनुबंधित परिसंपत्तियों में निवेश रणनीति के अनुरूप है। कंपनी का मानना है कि भारत में सार्वजनिक परिवहन के तेजी से हो रहे विद्युतीकरण से दीर्घकालिक निवेश के महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
जेबीएम ऑटो (JBM Auto) और जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी (JBM Ecolife Mobility) के संयुक्त ऑर्डर बुक में 10,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जो या तो पहले से तैनात हैं या निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं। कंपनी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र भी संचालित करती है, जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 20,000 बसों की है।
इस निवेश लेनदेन में EY ने जेबीएम इकोलाइफ (JBM Ecolife) के वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य किया, जबकि कानूनी सलाहकार की भूमिका ट्राइलीगल (Trilegal) और खेतान एंड कंपनी (Khaitan & Co. )ने निभाई।
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने, परिवहन क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रहे हैं।