दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए नई पॉलिसी लाने की तैयारी में है, जिसके तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप कर नए ईवी खरीदने पर लोगों को वित्तीय प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाएगा। यह योजना अगले सप्ताह बजट सत्र के दौरान घोषित की जा सकती है।
प्रस्तावित नीति के अनुसार, दिल्ली में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर जमा करने वाले वाहन मालिक, 6 महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर इंसेंटिव के पात्र होंगे। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर ₹10,000, थ्री-व्हीलर (L5M) पर ₹25,000 और निजी इलेक्ट्रिक कार पर ₹1 लाख तक का लाभ दिया जाएगा। हालांकि कारों के लिए यह लाभ ₹15 लाख तक की एक्स-फैक्ट्री कीमत वाली गाड़ियों और पहले 1 लाख आवेदकों तक सीमित रहेगा।
सभी इंसेंटिव डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजे जाएंगे और केवल स्क्रैप किए गए वाहन के रजिस्टर्ड मालिक ही इसके पात्र होंगे।
सरकार रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। दिल्ली में रजिस्टर्ड सभी ईवी को 31 मार्च 2030 तक 100% छूट मिल सकती है। वहीं 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को पूरी छूट मिलेगी, जबकि इससे महंगी गाड़ियों को इस लाभ से बाहर रखा जाएगा।
यह पहल दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए उठाया गया अहम कदम है। सरकार का उद्देश्य पुराने वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना और एक स्वच्छ व टिकाऊ परिवहन प्रणाली विकसित करना है। हालांकि, आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले ईवी की हिस्सेदारी अभी भी काफी कम है, जिससे इस नीति के जरिए तेजी से बदलाव लाने की उम्मीद की जा रही है।