भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को लेकर जागरूकता धीरे-धीरे बढ़ रही है और इसे माल परिवहन क्षेत्र के लिए एक उभरते अवसर के रूप में देखा जा रहा है। NITI Aayog की 2025 रिपोर्ट ‘Unlocking a $200 Billion Opportunity’ के अनुसार देश ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, बस और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में उल्लेखनीय प्रगति की है, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रकों का अपनाव अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसमें स्पष्ट विकास संभावनाएँ मौजूद हैं।
वर्ष 2024 में भारत में बिके 8,34,578 ट्रकों में से 6,220 इलेक्ट्रिक थे, जिनमें अधिकांश छोटे और शॉर्ट-हॉल रूट्स पर संचालित हो रहे हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए Nayi Soch Ki Sawari जैसे कैंपेन ड्राइवरों और फ्लीट ऑपरेटरों को तकनीक, लागत और व्यावहारिक उपयोग के बारे में सरल जानकारी दे रहे हैं।
राजस्थान के स्वरूपगंज के इलेक्ट्रिक ट्रक चालक वीर सिंह का अनुभव इस बदलाव को दर्शाता है। उनके अनुसार इलेक्ट्रिक ट्रक शांत, सुविधाजनक और निश्चित रूट्स पर आर्थिक रूप से व्यवहार्य हैं, लेकिन अभी भी कई ड्राइवर इनके लाभों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
एनएसकेएस (NSKS) के 21 राज्यों के 95 जिलों में आयोजित 350 से अधिक कार्यक्रमों से पता चला कि 95% ड्राइवर इलेक्ट्रिक ट्रक आज़माने के इच्छुक हैं। पहले जहाँ प्रदर्शन और विश्वसनीयता को लेकर संदेह था, वहीं अब प्रत्यक्ष अनुभव के बाद तकनीक पर भरोसा बढ़ रहा है और चर्चा चिंताओं से आगे बढ़कर अवसंरचना समाधानों की ओर केंद्रित हो रही है।