ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि सेल बिजनेस हेड और कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट टीम के सदस्य विशाल चतुर्वेदी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है।
एक नियामकीय दस्तावेज़ के अनुसार, चतुर्वेदी ने व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए 31 दिसंबर, 2025 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है और न ही उनके जाने के बाद अपने सेल व्यवसाय में किसी भी बदलाव के बारे में कोई जानकारी साझा की है।
यह 2025 में ओला इलेक्ट्रिक द्वारा घोषित किया गया पहला सीनियर मैनेजमेंट स्तर का इस्तीफा है। पिछले साल इसी अवधि में, बेंगलुरु में स्थित इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे देखे, जिनमें चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अंशुल खंडेलवाल और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर सुवोनिल चटर्जी शामिल हैं, जिन्होंने दिसंबर 2024 में इस्तीफा दिया था।
ओला इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक स्कूटर और बैटरी सेल बनाती है और प्रमुख घटकों के स्थानीयकरण और लागत में कमी लाने की रणनीति के तहत अपने इन-हाउस सेल उत्पादन का विस्तार कर रही है।
हाल के महीनों में, कंपनी ने 4680 भारत सेल की घोषणा की है, जो स्वदेशी रूप से विकसित लिथियम-आयन बैटरी है और इसके इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग के लिए डिज़ाइन की गई है। वहीं 4680 सेल का नाम इसके आकार के आधार पर रखा गया है, लगभग 46 मिमी व्यास और 80 मिमी ऊंचाई जो इसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले 2170 सेल प्रारूप से बड़ा बनाता है।
इसके बड़े आकार के कारण, बैटरी पैक में कम सेल की आवश्यकता होती है और कंपनी का कहना है कि 4680 भारत सेल पुराने प्रारूपों की तुलना में प्रति सेल काफी अधिक ऊर्जा भंडारण क्षमता प्रदान करता है। उच्च ऊर्जा घनत्व के कारण इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी के आकार या वजन को बढ़ाए बिना लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
दिसंबर में ओला इलेक्ट्रिक ने घोषणा की थी कि उसने 4680 भारत सेल से चलने वाले वाहनों की बड़े पैमाने पर डिलीवरी शुरू कर दी है। हाल ही में, इसकी रोडस्टर एक्स+ इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, जिसमें 4680 सेल का उपयोग किया गया है, इसको सीएमवीआर मानदंडों के तहत सरकारी प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिससे डिलीवरी का रास्ता साफ हो गया है।
ओला इलेक्ट्रिक की वर्टिकल इंटीग्रेशन योजनाओं में सेल डिवीजन की केंद्रीय भूमिका बनी हुई है। इसके अलावा, कंपनी ने मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के तहत 366.78 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त किया है।