भारत की प्रमुख एडटेक कंपनियों में शामिल फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) ने अपनी शिक्षा ऋण रणनीति में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह छात्रों को सीधे ऋण देने या छात्र वित्तपोषण के कारोबार से बाहर निकलने की योजना बना रही है। इसके बजाय अब कंपनी शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के साथ साझेदारी मॉडल अपनाएगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फिजिक्सवाला ने हाल ही में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी फिनज फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड में 120 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश की घोषणा की थी। हालांकि, अब कंपनी ने संकेत दिया है कि वह अपने वित्तीय कारोबार के ढांचे का पुनर्मूल्यांकन कर रही है और जोखिम को कम करने के लिए नई रणनीति अपना रही है।
शिक्षा ऋण के लिए साझेदारी मॉडल पर जोर
कंपनी के अनुसार, उसने छात्र ऋण की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए कई प्रमुख और विनियमित NBFCs के साथ समझौते किए हैं। फिजिक्सवाला का मानना है कि शिक्षा और तकनीक उसके मुख्य कार्यक्षेत्र हैं, जबकि ऋण वितरण और जोखिम प्रबंधन का काम उन वित्तीय संस्थानों को करना चाहिए जिनके पास मजबूत अंडरराइटिंग क्षमता और वित्तीय विशेषज्ञता मौजूद है।
फिजिक्सवाला ने अपने बयान में कहा कि नई व्यवस्था के तहत छात्रों को शिक्षा ऋण की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी, लेकिन ऋण सीधे कंपनी की बैलेंस शीट से नहीं दिया जाएगा। इससे कंपनी पर ऋण से जुड़े वित्तीय जोखिम और पूंजीगत दबाव कम होंगे। साथ ही कंपनी अपनी ऊर्जा और संसाधनों को शिक्षा सेवाओं, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और छात्र समुदाय को मजबूत बनाने पर केंद्रित कर सकेगी।
फिजिक्सवाला के, को-फाउंडर प्रतीक माहेश्वरी ने कहा कि कंपनी को निवेशकों और साझेदारों से लगातार यह प्रतिक्रिया मिल रही थी कि उसकी सबसे बड़ी ताकत शिक्षा, तकनीक और बड़े छात्र समुदाय का निर्माण है। उन्होंने कहा कि ऋण व्यवसाय को उन संस्थानों के हाथ में रहना चाहिए जो वित्तीय जोखिमों का आकलन और प्रबंधन करने में विशेषज्ञ हों।
छात्रों को लोन दिलाने पर रहेगा फोकस
माहेश्वरी के अनुसार, विवेकपूर्ण पूंजी आवंटन और शेयरधारकों के हितों की रक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी सोच के तहत कंपनी ने अपने पहले के निर्णय की समीक्षा की और अब साझेदारी आधारित मॉडल को अपनाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों के लिए शिक्षा ऋण की उपलब्धता को प्रभावित करना नहीं है। बल्कि कंपनी ऐसे संस्थानों के साथ काम करेगी जो बेहतर वित्तीय उत्पाद और तेज ऋण स्वीकृति प्रक्रिया प्रदान कर सकें। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
सूत्रों के मुताबिक, फिजिक्सवाला अपनी वित्तीय इकाई फिनज फाइनेंस को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इनमें कंपनी की बिक्री, किसी अन्य वित्तीय संस्था के साथ विलय या फिर उसके NBFC लाइसेंस को सरेंडर करने जैसे विकल्प भी शामिल हैं।
फिनज फाइनेंस के भविष्य पर जल्द होगा फैसला
आने वाले समय में फिनज फाइनेंस की रणनीतिक दिशा का अंतिम निर्णय निदेशक मंडल और आवश्यक नियामकीय मंजूरियों के बाद लिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि सभी विकल्पों का मूल्यांकन शेयरधारकों के हित और दीर्घकालिक व्यावसायिक रणनीति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम फिजिक्सवाला को अपने मुख्य शिक्षा व्यवसाय पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा। साथ ही छात्रों को शिक्षा ऋण की सुविधा मजबूत और अनुभवी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मिलती रहेगी। एडटेक क्षेत्र में यह बदलाव इस बात का संकेत है कि कई शिक्षा कंपनियां अब अपने मूल कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने और वित्तीय जोखिमों को कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।