वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (VBL) जो अमेरिका के बाहर पेप्सिको के लिए सबसे बड़ा बॉटलर है, 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सौदे में ट्विज़ा प्रोप्राइटरी लिमिटेड के अधिग्रहण के साथ अफ्रीका में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है। जयपुरिया परिवार के बहुमत स्वामित्व वाली VBL इस सौदे को अपनी दक्षिण अफ्रीकी सहायक कंपनी बेवको के माध्यम से अंजाम देगी, जिससे उसे केप टाउन, क्वीन्सटाउन और मिडल बर्ग में स्थित तीन ट्विज़ा विनिर्माण प्लांटों पर नियंत्रण प्राप्त हो जाएगा।
ट्विज़ा (Twizza) गैर-अल्कोहल पेय पदार्थों का मैन्युफैक्चरर और डिस्ट्रीब्यूटर है, यह एक पूर्णतः बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड उत्पादन प्रणाली का संचालन करता है। 30 जून 2025 को समाप्त हुए वर्ष में ट्विज़ा ने लगभग 113 मिलियन अमेरिकी डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया और लगभग 71 मिलियन 8-औंस के केस बेचे। दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और एस्वातिनी में नियामकीय स्वीकृतियों के आधार पर, यह सौदा 30 जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
वहीं VBL के लिए अफ्रीका एक महत्वपूर्ण बाजार साबित हुआ है, क्योंकि मौसम की खराब परिस्थितियों के कारण 2025 की पहली तीन तिमाहियों में भारत में घरेलू बिक्री में कोई खास गिरावट नहीं आई। इसके बावजूद, अफ्रीकी बाजारों के योगदान से इसकी अंतरराष्ट्रीय बिक्री में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस क्षेत्र ने 2025 की तीसरी तिमाही में 56.7 प्रतिशत का सकल लाभ मार्जिन हासिल किया है।
वर्तमान में VBL की अफ्रीकी उपस्थिति मोरक्को, ज़ाम्बिया, ज़िम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, एस्वातिनी और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में है, साथ ही नामीबिया, बोत्सवाना, मोज़ाम्बिक और मेडागास्कर में वितरण अधिकार भी हैं। बिजनेस इनसाइडर के अनुसार कंपनी स्थानीय विनिर्माण और वितरण के लिए केन्या में एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भी स्थापित कर रही है।
गैर-अल्कोहल पेय पदार्थों के अलावा VBL का कार्ल्सबर्ग के साथ एक वितरण समझौता भी है जिसके तहत वह कुछ अफ्रीकी सहायक कंपनियों में बीयर का परीक्षण करती है। बताया जाता है कि मोरक्को, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे में कंपनी के स्नैक उत्पादन प्लांट पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।