भारत में उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच मौजूद कौशल अंतर (Skill Gap) लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। डिग्री प्राप्त करने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल नहीं होने के कारण रोजगार हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे समय में TeamLease EdTech शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी ऑनलाइन डिग्री, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप, अपस्किलिंग और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने पर फोकस कर रही है।
भारत की अग्रणी ऑनलाइन लर्निंग और एम्प्लॉयबिलिटी सॉल्यूशंस कंपनी TeamLease EdTech का लक्ष्य 'Making India Employable' है। कंपनी उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर ऐसा शिक्षा मॉडल विकसित कर रही है, जिसमें अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव और उद्योग-आधारित कौशल को समान महत्व दिया जाता है।
ऑनलाइन डिग्री के साथ करियर की मजबूत शुरुआत
TeamLease EdTech का मानना है कि भविष्य की शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह सकती। छात्रों को रोजगार योग्य बनाने के लिए उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव, उद्योग की समझ और तकनीकी कौशल की भी आवश्यकता है। इसी सोच के तहत कंपनी विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर ऑनलाइन डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कार्यक्रम संचालित कर रही है। इन कार्यक्रमों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल भी विकसित कर सकें।
कंपनी के फाउंडर और सीईओ शांतनु रूज (Shantanu Rooj) का मानना है कि ऑनलाइन शिक्षा का अगला चरण केवल डिजिटल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रोजगार, अप्रेंटिसशिप और कार्य-अनुभव से जुड़ा एक व्यापक इकोसिस्टम बनेगा।

50 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी
TeamLease EdTech वर्तमान में भारत के 50 से अधिक प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के साथ काम कर रहा है। कंपनी के विश्वविद्यालय साझेदार 16 राज्यों में फैले हुए हैं और उनके लिए 200 से अधिक डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कार्यक्रमों का संचालन एवं प्रबंधन किया जाता है।
इन कार्यक्रमों में बिजनेस मैनेजमेंट, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फाइनेंस, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, आईटी और अन्य रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। वहीं कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में लगभग 7 लाख छात्र जुड़े हुए हैं, जो इसे भारत के सबसे बड़े उच्च शिक्षा और कौशल विकास नेटवर्क में से एक बनाता है।
छात्रों को मिलेगा उद्योग-अनुभव
TeamLease EdTech की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसका कार्य-आधारित शिक्षण मॉडल (Work Integrated Learning Model) है। इस मॉडल में छात्रों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें उद्योगों में वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे कार्यक्रमों की मांग तेजी से बढ़ेगी क्योंकि कंपनियां केवल डिग्री नहीं बल्कि व्यावहारिक कौशल और समस्या समाधान क्षमता वाले उम्मीदवारों की तलाश कर रही हैं। कंपनी विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर छात्रों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग के अवसर उपलब्ध कराती है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
श्रम मंत्रालय के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी
हाल ही में TeamLease EdTech ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और कार्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना है।
इस समझौते के तहत राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल पर लगभग 200 कार्य-संबंधित डिग्री कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में इंटर्नशिप और कार्य अनुभव को भी शामिल किया जाएगा। वहीं कंपनी का अनुमान है कि इस पहल के माध्यम से 5 लाख से अधिक युवाओं को शिक्षण, प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा TeamLease EdTech अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म 'Digiversity' के माध्यम से छात्रों को लाइव इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध करा रहा है। यह पहल छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जोड़ने का अवसर प्रदान करती है।
कॉर्पोरेट जगत के साथ मजबूत नेटवर्क
TeamLease EdTech केवल विश्वविद्यालयों के साथ ही नहीं, बल्कि 2,000 से अधिक कॉर्पोरेट संगठनों के साथ भी काम कर रहा है। कंपनी विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार स्किलिंग, अपस्किलिंग और री-स्किलिंग कार्यक्रम संचालित करती है।
कॉर्पोरेट साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को रोजगार बाजार की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और उद्योग-उन्मुख कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है। इस संदर्भ में कंपनी का मानना है कि शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल ही भारत के कौशल अंतर को कम कर सकता है और युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार कर सकता है।
तेजी से बढ़ रहा एडटेक व्यवसाय
TeamLease EdTech ने पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन शिक्षा, वर्कफोर्स डेवलपमेंट और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों के क्षेत्र में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020), डिजिटल शिक्षा की बढ़ती स्वीकार्यता और कौशल-आधारित प्रशिक्षण की मांग ने कंपनी के विस्तार को गति दी है।
उद्योग अनुमानों के अनुसार TeamLease EdTech का वार्षिक कारोबार लगभग ₹1,200 से ₹1,300 करोड़ के बीच आंका जाता है। वहीं इसकी मूल कंपनी TeamLease Services ने वित्त वर्ष 2026 में लगभग ₹11,791 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। इस बारे में शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन डिग्री और रोजगार-केंद्रित शिक्षा की बढ़ती मांग आने वाले वर्षों में TeamLease EdTech के विकास को और तेज कर सकती है।
भविष्य की दिशा
TeamLease EdTech आने वाले वर्षों में ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम, अप्रेंटिसशिप, एंटरप्राइज लर्निंग, AI-सक्षम शिक्षा समाधान और कार्य-आधारित शिक्षण मॉडल पर अपना फोकस बढ़ाने की योजना बना रहा है। कंपनी का उद्देश्य विश्वविद्यालयों, उद्योगों और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु बनकर छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करना है। साथ ही, वह भारत में ऐसे शिक्षा मॉडल को बढ़ावा देना चाहती है, जिसमें सीखना सीधे करियर अवसरों और रोजगार से जुड़ा हो।
भारत में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के तेजी से बढ़ते बाजार को देखते हुए TeamLease EdTech स्वयं को केवल एक एडटेक कंपनी नहीं, बल्कि शिक्षा से रोजगार तक की पूरी यात्रा का भागीदार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि यह मॉडल बड़े पैमाने पर सफल होता है, तो यह लाखों भारतीय छात्रों को करियर की बेहतर शुरुआत देने और देश की रोजगार क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।