भारत के ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते के बीच स्टेटिक (Statiq) ने लगभग 18 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाने की घोषणा की है। इक्विटी और डेट के मिश्रण वाले इस राउंड का नेतृत्व टेनेसिटी वेंचर्स (Tenacity Ventures) ने किया, जबकि वाई कॉम्बिनेटर, शेल वेंचर्स और आरसीडी होल्डिंग्स ने भी भागीदारी की।
यह निवेश ऐसे समय आया है जब भारत का ईवी इकोसिस्टम हाल के “कैपिटल विंटर” से उभर रहा है। कंपनी की सफलता को सेक्टर में हाइप से आगे बढ़कर ठोस निष्पादन आधारित विकास का मजबूत संकेत माना जा रहा है।
वर्ष 2020 में अक्षित बंसल (सीईओ) और राघव अरोड़ा (सीटीओ) द्वारा स्थापित स्टेटिक ने स्वदेशी एसी/डीसी फास्ट चार्जर और सॉफ्टवेयर आधारित “फुल-स्टैक” सॉल्यूशन विकसित किया है, जो देश के बड़े ईवी चार्जिंग नेटवर्क्स में शामिल है।
अक्षित बंसल ने कहा कि कंपनी ने कठिन दौर में भी यूनिट इकॉनॉमिक्स और ग्राउंड-लेवल निष्पादन पर ध्यान बनाए रखा, और यह पूंजी भारत से वैश्विक स्तर तक विस्तार का मार्ग खोलेगी।
कंपनी के अनुसार, नई फंडिंग से हार्डवेयर लाइफसाइकल मैनेजमेंट, सॉफ्टवेयर अपग्रेड, टेलीमैटिक्स और वैश्विक स्केलेबिलिटी को मजबूत किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि उसके चार्जर राजस्थान की गर्मी से लेकर केरल की आर्द्र जलवायु तक प्रभावी रूप से काम करते हैं।
टेनेसिटी वेंचर्स (Tenacity Ventures) के मैनेजिंग डायरेक्टर रोहित राजदान (Rohit Razdan) ने कहा कि स्टेटिक ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर बनने की क्षमता रखता है और यह निवेश लोंगटर्म डीप-टेक निर्माण में विश्वास को दर्शाता है।
कंपनी इस पूंजी का उपयोग टियर-1 और टियर-2 शहरों में नेटवर्क विस्तार, प्रमुख हाईवे पर डीसी फास्ट चार्जर लगाने और 99.9% अपटाइम हासिल करने के लिए करेगी। Statiq “मेड इन इंडिया” हार्डवेयर के निर्यात के साथ अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर भी ध्यान दे रही है, जिसमें UAE में सफल पायलट शामिल हैं।
इसके साथ ही कंपनी ने FOCO (Franchise-Owned, Company-Operated) मॉडल के जरिए स्थानीय उद्यमियों को जोड़ना शुरू किया है। इस कार्यक्रम की शुरुआत SS Group के Gurgaon स्थित स्टेशन से हुई, जहां हार्डवेयर का स्वामित्व पार्टनर के पास रहता है और संचालन स्टेटिक संभालती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक निवेशकों की भागीदारी भारत के नवीकरणीय और ईवी सेक्टर में पूंजी की वापसी का संकेत है, और स्टेटिक देश के एनर्जी ट्रानजीशन में अहम भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।