इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता Zelio E-Mobility ने दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपना नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया है। त्रिची रोड स्थित यह लगभग 39,000 वर्ग फुट में फैला अत्याधुनिक प्लांट इलेक्ट्रिक स्कूटरों की असेंबली, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स संचालन के लिए विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह प्लांट तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और दक्षिण महाराष्ट्र के बाजारों की मांग को पूरा करेगा।
इस नए प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 60,000 यूनिट है। शुरुआती चरण में यहां हर साल 24,000 से 30,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का निर्माण और असेंबली की जाएगी, जिसे बाजार की मांग के अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। कंपनी का मानना है कि अगले 12 से 24 महीनों में यह प्लांट डीलर नेटवर्क के विस्तार, आफ्टर-सेल्स सर्विस को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे कंपनी की आय और दक्षिण भारत में बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की भी उम्मीद है।
कोयंबटूर प्लांट में फिलहाल 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जबकि आने वाले महीनों में 100 से अधिक नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष के दौरान अपने कुल कर्मचारियों की संख्या 500 से अधिक करना है। लगभग 1 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इस प्लांट में कंपनी के मौजूदा इलेक्ट्रिक दोपहिया मॉडलों की असेंबली की जाएगी। हालांकि, आगामी नए मॉडलों की जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
इस नए प्लांट के साथ Zelio E-Mobility का मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क अब हरियाणा के लाडवा और पाटन तथा ओडिशा के कटक सहित कुल चार उत्पादन इकाइयों तक पहुंच गया है। पहले कंपनी की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.80 लाख यूनिट थी, जो अब बढ़कर 2.40 लाख यूनिट हो गई है। यानी कंपनी की उत्पादन क्षमता में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी ने बताया कि कोयंबटूर प्लांट में भी वही क्वालिटी स्टैंडर्ड और निर्माण प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं जो उसके अन्य प्लांट्स में लागू हैं। साथ ही, भविष्य में नई तकनीक और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी पहलों की भी घोषणा की जाएगी।