भारतीय और वैश्विक एंजेल निवेशकों के नेतृत्व में जुटाई गई इस पूंजी का उपयोग कंपनी अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नए पाठ्यक्रम (Curriculum) जोड़ने और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य छात्रों को अधिक सटीक, व्यक्तिगत और परीक्षा-केंद्रित सीखने का अनुभव उपलब्ध कराना है।
Sortmyprep, ZKAP Edtech Service Private Limited के तहत संचालित एक AI एजुकेशन प्लेटफॉर्म है। फिलहाल यह अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्डों के छात्रों को ध्यान में रखकर सेवाएं प्रदान करता है। कंपनी का प्रमुख AI ट्यूटर ‘Sorty’ छात्रों को बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई करने, 24x7 डाउट सॉल्विंग और व्यक्तिगत मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। प्लेटफॉर्म का उद्देश्य छात्रों की सीखने की क्षमता और परीक्षा परिणामों में सुधार करना है।
कंपनी के अनुसार, वर्तमान में Sortmyprep 15 से अधिक देशों के छात्रों को अपनी सेवाएं दे रहा है। इसके साथ ही कंपनी ने 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक मानव-निर्मित शैक्षणिक डेटा पॉइंट्स पर आधारित अपना स्वामित्व वाला (Proprietary) अकादमिक डेटासेट तैयार किया है, जिससे AI आधारित लर्निंग को अधिक सटीक बनाया जा सके।
भारतीय और वैश्विक एंजेल निवेशकों ने किया निवेश
इस प्री-सीड फंडिंग राउंड में कई प्रमुख उद्योगपतियों और उद्यमियों ने निवेश किया। इनमें रुस्तमजी ग्रुप और रुस्तमजी इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन बोमन ईरानी, boAt के सह-संस्थापक समीर मेहता, OneAssist के सह-संस्थापक सुब्रत पाणि, HG Insights की सीईओ रोहिणी कस्तूरी और London Stock Exchange Group के APAC प्रमुख रंजीत पवार शामिल हैं।
यह निवेश कंपनी को पहले मिले PIEDS, BITS Pilani के संस्थागत समर्थन के बाद आया है। निवेशकों का मानना है कि AI आधारित शिक्षा की बढ़ती मांग के बीच Sortmyprep के पास वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार करने की क्षमता है।
AI प्लेटफॉर्म और नए पाठ्यक्रमों के विस्तार पर रहेगा फोकस
कंपनी ने बताया कि नई फंडिंग का उपयोग उसके वर्टिकल AI प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाने, अधिक पाठ्यक्रमों को जोड़ने और भारत सहित विदेशी बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
Sortmyprep की स्थापना अनन्या, आर्यमन और नमन ने की थी। संस्थापकों का कहना है कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत छात्रों की एक बड़ी समस्या को हल करने के उद्देश्य से की थी। उनका मानना है कि कई छात्र पढ़ाई तो करते हैं, लेकिन परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते। ऐसे में AI आधारित व्यक्तिगत मार्गदर्शन उन्हें बेहतर तैयारी और अच्छे परिणाम हासिल करने में मदद कर सकता है।
कंपनी का AI सिस्टम विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित (Expert-Validated) कंटेंट और अपने स्वामित्व वाले AI मॉडल का उपयोग करता है। इससे छात्रों को उनके बोर्ड और पाठ्यक्रम के अनुसार सटीक और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।
बिना विज्ञापन के बढ़ा यूजर बेस
Sortmyprep ने दावा किया है कि उसके 71 प्रतिशत से अधिक यूजर्स रेफरल और वर्ड-ऑफ-माउथ के माध्यम से जुड़े हैं। यानी कंपनी ने अब तक बड़े स्तर पर पेड मार्केटिंग का सहारा लिए बिना ही छात्रों और अभिभावकों का भरोसा जीता है। निवेशकों ने इसे कंपनी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया है।
boAt के, को-फाउंडर समीर मेहता ने कहा कि कंपनी की सबसे बड़ी विशेषता उसकी मजबूत कार्यक्षमता और ग्राहकों द्वारा तेजी से अपनाया जाना है। उनके अनुसार, बिना पेड मार्केटिंग के इतनी अच्छी ऑर्गेनिक ग्रोथ यह दिखाती है कि प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता दोनों मजबूत हैं।
वहीं बोमन ईरानी ने कहा कि स्कूलों के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह प्लेटफॉर्म छात्रों की वास्तविक जरूरत को पूरा करता है। छात्रों को ऐसी सहायता चाहिए जो सटीक, पाठ्यक्रम-आधारित और हर समय उपलब्ध हो, और Sortmyprep ने इसी आवश्यकता को पूरा करने वाला समाधान विकसित किया है।
Nvidia, OpenAI और Google for Startups का भी मिला सहयोग
निवेशकों के अलावा Sortmyprep को Nvidia, OpenAI, Google for Startups, BITS Pilani और Ashoka University जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों और कार्यक्रमों का भी सहयोग प्राप्त है। कंपनी का मानना है कि इन संस्थानों से मिला तकनीकी और नवाचार संबंधी समर्थन उसके AI प्लेटफॉर्म को और अधिक सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
PIEDS, BITS Pilani के प्रमुख सचिन आर्य ने कहा कि Sortmyprep ने ऐसा AI प्लेटफॉर्म विकसित किया है जो 100 प्रतिशत पाठ्यक्रम सटीकता और बेहतर छात्र परिणामों पर केंद्रित है। उनका कहना है कि विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित कंटेंट और स्वदेशी AI तकनीक का यह संयोजन कंपनी को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों में विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
अब CBSE और ICSE बोर्ड के छात्रों तक पहुंचेगा प्लेटफॉर्म
वर्तमान में Sortmyprep मुख्य रूप से IB और IGCSE जैसे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्डों के छात्रों को सेवाएं देता है। हालांकि कंपनी अब अपने AI प्लेटफॉर्म का विस्तार CBSE, ICSE और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय एवं वैश्विक शिक्षा बोर्डों तक करने की तैयारी कर रही है।
कंपनी का कहना है कि उसका AI प्लेटफॉर्म Competency-Based Learning को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य केवल छात्रों के सवालों का जवाब देना नहीं, बल्कि उन्हें विषयों को बेहतर तरीके से समझने, नियमित अभ्यास करने और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करना है।
AI आधारित शिक्षा में बढ़ती संभावनाओं का संकेत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित व्यक्तिगत सीखने (Personalised Learning) की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में Sortmyprep जैसे प्लेटफॉर्म छात्रों को उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाई का अनुभव प्रदान कर रहे हैं। AI ट्यूटर, रियल-टाइम डाउट सॉल्विंग और डेटा आधारित लर्निंग एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं भविष्य की शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।
नई फंडिंग के साथ Sortmyprep का लक्ष्य भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करना, नए शिक्षा बोर्डों तक पहुंच बनाना और AI आधारित परीक्षा तैयारी को अधिक प्रभावी बनाना है। कंपनी का मानना है कि शिक्षा में तकनीक का सही उपयोग छात्रों की सीखने की गुणवत्ता और परीक्षा परिणामों में बड़ा बदलाव ला सकता है।