इस फंडिंग राउंड में मौजूदा निवेशक Negen Capital के साथ नए निवेशक Endurance Capital और Coheron Wealth ने हिस्सा लिया।
कंपनी के को-फाउंडर्स चिराग छाजेर और अंकित गुप्ता ने कहा, “पिछले कुछ सालों में हमने Burma Burma को एक अलग पहचान वाले, क्यूज़ीन-फोकस्ड डाइनिंग ब्रांड के रूप में तैयार किया है, जिसमें कंसिस्टेंसी, यूनिट इकॉनॉमिक्स और कस्टमर एक्सपीरियंस पर खास ध्यान दिया गया है। यह नई फंडिंग हमें योजनाबद्ध तरीके से विस्तार करने और उन बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद करेगी, जहां ब्रांड पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।”
साल 2012 में स्थापित Burma Burma वर्तमान में दिल्ली NCR, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, अहमदाबाद और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 21 रेस्टोरेंट्स संचालित करता है। कंपनी ने प्रीमियम कैज़ुअल डाइनिंग सेगमेंट में बर्मीज़ खाने के साथ अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
कंपनी की सालाना आय ₹200 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है और पिछले तीन सालों में इसकी ग्रोथ करीब 50% CAGR रही है। FY25 में कंपनी ने 21% से अधिक आउटलेट-लेवल प्रॉफिटेबिलिटी और लगभग 8% EBITDA मार्जिन दर्ज किया है। पिछले तीन वर्षों में कंपनी की वैल्यूएशन ₹150 करोड़ से बढ़कर ₹500 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसका कारण मेट्रो शहरों में विस्तार और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स है।
नई फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी नए शहरों में विस्तार और मौजूदा बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए करेगी, क्योंकि भारत में अलग और यूनिक डाइनिंग एक्सपीरियंस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
Negen Capital के फाउंडर नील बहल ने कहा, “भीड़भाड़ वाले रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में Burma Burma ने अपनी अलग पहचान बनाई है। जहां कई ब्रांड सेंट्रलाइज्ड किचन और फ्रोजन फूड की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं यह ब्रांड ताज़ा खाना बनाने पर ध्यान देता है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका यूनिक मेन्यू है- अगर आपको यहां का कोई डिश पसंद आता है, तो आपको वही स्वाद सिर्फ यहीं मिलेगा। यही खासियत कस्टमर लॉयल्टी बढ़ाती है। साथ ही, इसका पूरी तरह वेज और बिना अल्कोहल वाला कॉन्सेप्ट इसे और अलग बनाता है, जो निवेशकों के लिए भी आकर्षक है।”
इस डील में Niamh Ventures ने कंपनी के इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एडवाइजर के रूप में काम किया।