मेहुल अग्रवाल ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह कंपनी के बोर्ड में बने रहेंगे। हालांकि, उन्होंने अपने अगले रोल या भविष्य की योजनाओं के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब Cars24 में लगातार नेतृत्व स्तर पर कई परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इससे पहले कंपनी के सह-संस्थापक गजेंद्र जांगिड़ भी रोजमर्रा के संचालन कार्यों से पीछे हट चुके हैं। हालांकि, कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जांगिड़ अब भी कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं और ब्रांड व प्रोडक्ट से जुड़ी पहलों, खासकर Crashfree प्रोजेक्ट, में योगदान दे रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में कंपनी में कई अहम पदों पर बदलाव हुए हैं। हिमांशु रतनू ने भारत के यूज्ड कार कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद से इस्तीफा दिया, जबकि अंकित भल्ला ने इंजीनियरिंग डायरेक्टर के पद से कंपनी छोड़ी। इसे कंपनी की लीडरशिप टीम में बड़े बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ये सभी बदलाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब Cars24 संभावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रही है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि वह अगले 6 से 12 महीनों के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना बना रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व स्तर पर हो रहे ये बदलाव और कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों की नजर में महत्वपूर्ण रहेंगे, खासकर तब जब कंपनी सार्वजनिक लिस्टिंग की ओर बढ़ रही है।