प्रसिद्ध शेफ मनीष मेहरोत्रा अपने क्यूलिनरी बैनर Manish Mehrotra Culinary Arts (MMCA) के तहत पहला रेस्तरां निसाबा (NISABA) 17 जनवरी 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक सुंदर नर्सरी, हुमायूं के मकबरे परिसर में खोलने जा रहे हैं। निसाबा का नाम प्राचीन देवी से लिया गया है, जिन्हें अन्न और लेखन की देवी माना जाता है।
निसाबा की अवधारणा भारत के अलग-अलग हिस्सों में घरों, कस्बों और गलियों में पीढ़ियों से बनते आ रहे रोज़मर्रा के व्यंजनों से प्रेरित है। यह उन लोगों के स्वाद और कौशल को सम्मान देता है, जो बिना किसी दिखावे के—ढाबों, ठेलों और गलियों में—ईमानदारी से खाना पकाते हैं।
शेफ मनीष मेहरोत्रा ने कहा, “निसाबा में हम भारत के अलग-अलग कोनों से ऐसे व्यंजन लाते हैं जो कभी-कभी सिर्फ अपनी गलियों तक ही सीमित रह जाते हैं। हम सोच-समझकर पकाते हैं, अपव्यय कम करते हैं और भरोसेमंद उत्पादकों के साथ काम करते हैं। अच्छा खाना, ईमानदारी से—यही हमारी पहचान है।”
रेस्तरां का मेन्यू समकालीन अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें परिचित स्वादों के साथ सटीकता, अनुशासन और साफ़ फ्लेवर पर ज़ोर दिया गया है। यहां आ ला कार्ट और मौसमी मेन्यू उपलब्ध होंगे, वहीं भविष्य में विशेष सहयोग और हाई-टी मेन्यू की भी योजना है।
निसाबा का बेवरेज प्रोग्राम भी इसी दर्शन को आगे बढ़ाता है। वाइन कलेक्शन को व्यंजनों के साथ संतुलन में तैयार किया गया है, जबकि कॉकटेल और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स सरल, संतुलित और मौसमी सामग्रियों पर केंद्रित हैं।
इंटीरियर डिज़ाइन में गर्माहट, प्राकृतिक रोशनी और साफ़ लाइनों को प्राथमिकता दी गई है। दिन में यह स्थान खुला और उजला महसूस होता है, जबकि शाम होते-होते यह अधिक निजी और नाटकीय रूप ले लेता है। पूरे डाइनिंग स्पेस का केंद्र बिंदु कलाकार धनंजय सिंह की एक प्रतिष्ठित मूर्ति है, जो अन्न से रूप और रूप से अन्न की यात्रा को दर्शाते हुए सृजन, नवीनीकरण और जुड़ाव की भावना को दर्शाती है।
रेस्तरां में 14 मेहमानों तक के लिए एक प्राइवेट डाइनिंग रूम भी उपलब्ध है। निसाबा का नेतृत्व शेफ मनीष मेहरोत्रा कर रहे हैं, जिन्हें फाउंडिंग पार्टनर्स अमित खन्ना और बिन्नी बंसल का सहयोग प्राप्त है। फ्रंट-ऑफ-हाउस की ज़िम्मेदारी शुभम उपाध्याय संभाल रहे हैं।
इसके अलावा, निसाबा भारत और विदेशों में निजी आयोजनों के लिए कैटरिंग और क्यूरेटेड डाइनिंग अनुभव भी प्रदान करेगा, जिससे भारतीय भोजन को सम्मान, स्पष्टता और आधुनिक प्रासंगिकता के साथ प्रस्तुत किया जा सकेगा।