देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल जामिया मिलिया इस्लामिया के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने यह पहल उन छात्रों के लिए की है, जो निर्माण क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के साथ करियर बनाना चाहते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक एडमिशन पोर्टल admission.jmi.ac.in पर जाकर अलग से आवेदन करना होगा।
क्यों शुरू किया गया नया कोर्स?
आज निर्माण क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। नई मशीनें, डिजिटल टूल्स और आधुनिक तकनीकें इस सेक्टर को आगे बढ़ा रही हैं। इसी बदलाव को देखते हुए जामिया ने यह नया कोर्स शुरू किया है, ताकि छात्र केवल किताबों तक सीमित न रहें और उन्हें वास्तविक काम का अनुभव भी मिल सके।

इस कोर्स का मकसद छात्रों को नई निर्माण तकनीकों की समझ देना और उन्हें व्यवहारिक रूप से काम करना सिखाना है, जिससे वे इंडस्ट्री के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
पढ़ाई का तरीका होगा अलग
यह प्रोग्राम सिर्फ थ्योरी पर आधारित नहीं होगा। पाठ्यक्रम को देश और विदेश के मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। छात्रों को आधुनिक लैब में काम करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही बड़ी निर्माण कंपनियों के साथ मिलकर लाइव प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप करने का अवसर भी दिया जाएगा, जिससे पढ़ाई के दौरान ही उन्हें उद्योग की समझ मिल सके।
नई तकनीकों की मिलेगी ट्रेनिंग
इस कोर्स में छात्रों को BIM, GIS और AI जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा डिजिटल ड्रॉइंग, प्रोजेक्ट प्लानिंग, समय प्रबंधन और डेटा के सही उपयोग पर खास ध्यान दिया जाएगा।
साथ ही, छात्रों को कम्युनिकेशन, लीडरशिप, टीम वर्क और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसी जरूरी स्किल्स भी सिखाई जाएंगी, ताकि वे एक अच्छे इंजीनियर के साथ-साथ बेहतर टीम लीडर भी बन सकें।