होरिबा (HORIBA) ग्रुप की भारतीय इकाई होरिबा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (HORIBA India Private Limited) ने गुजरात स्थित रिसर्च एवं डेवलपमेंट स्टार्टअप प्रिस्टीन डीपटेक प्राइवेट लिमिटेड के 100% शेयरों का अधिग्रहण कर लिया है। इस अधिग्रहण के बाद प्रिस्टीन डीपटेक, HORIBA इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई है।
प्रिस्टीन डीपटेक लैब-ग्रोउन डायमंड्स के उपयोग से सेमीकंडक्टर और क्वांटम रिसर्च पर काम करती है। इस अधिग्रहण का उद्देश्य डायमंड टेक्नोलॉजी में HORIBA की विशेषज्ञता को और मजबूत करना तथा भारत में एक उन्नत R&D हब स्थापित करना है। प्रिस्टीन डीपटेक की डायमंड रिसर्च और वैक्यूम टेक्नोलॉजी को HORIBA की एनालिटिकल और मेजरमेंट टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
होरिबा (HORIBA) और प्रिस्टीन डीपटेक के बीच 2023 से व्यावसायिक साझेदारी रही है। अब यह अधिग्रहण भारत में एडवांस मटीरियल्स के लिए एक स्थानीय R&D आधार तैयार करता है, जिससे वैश्विक स्तर पर उपयोगी नवाचारों को गति मिलने की उम्मीद है।
जापान मुख्यालय वाला HORIBA ग्रुप लंबे समय से रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश करता आ रहा है और फ्रांस, अमेरिका तथा यूके सहित कई देशों में इसके R&D सेंटर हैं। भारत को एक संभावित वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में देखते हुए HORIBA यहां अपनी रिसर्च क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।
वर्ष 2006 में स्थापित HORIBA इंडिया एनर्जी एवं एनवायरनमेंट, बायो एवं हेल्थकेयर तथा मटीरियल्स एवं सेमीकंडक्टर इन तीन प्रमुख क्षेत्रों में काम करती है। करीब 500 कर्मचारियों के साथ कंपनी 15% से अधिक की औसत वार्षिक वृद्धि दर दर्ज कर रही है और 2028 तक 20 बिलियन येन के राजस्व लक्ष्य की ओर अग्रसर है। HORIBA ग्रुप विश्व स्तर पर 28 देशों में करीब 9,000 कर्मचारियों के साथ परिचालन करता है।