रिपोर्ट्स के मुताबिक Perplexity ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ 750 मिलियन डॉलर का Azure समझौता किया

रिपोर्ट्स के मुताबिक Perplexity ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ 750 मिलियन डॉलर का Azure समझौता किया

रिपोर्ट्स के मुताबिक Perplexity ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ 750 मिलियन डॉलर का Azure समझौता किया
इस समझौते के तहत Perplexity माइक्रोसॉफ्ट के Foundry प्रोग्राम के जरिए कई उन्नत (फ्रंटियर) AI मॉडल्स का इस्तेमाल कर सकेगा। इनमें OpenAI, Anthropic और xAI द्वारा विकसित सिस्टम शामिल हैं, ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।


AI सर्च स्टार्टअप Perplexity ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ 3 साल का 750 मिलियन अमेरिकी डॉलर का क्लाउड सर्विसेज समझौता किया है। इसके तहत Nvidia समर्थित इस कंपनी को Azure के AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक ज्यादा पहुंच मिलेगी। यह जानकारी Bloomberg News ने गुरुवार को मामले से जुड़े लोगों के हवाले से दी।

इस डील के तहत Perplexity माइक्रोसॉफ्ट के Foundry प्रोग्राम के माध्यम से OpenAI, Anthropic और xAI जैसे संस्थानों के उन्नत AI मॉडल्स चला सकेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, Perplexity के एक प्रवक्ता ने Bloomberg को बताया कि इस साझेदारी का मकसद OpenAI, Anthropic और xAI के प्रमुख AI मॉडल्स तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह समझौता Amazon Web Services (AWS) से दूरी बनाने का संकेत नहीं है, क्योंकि AWS अब भी Perplexity का मुख्य क्लाउड प्रोवाइडर बना रहेगा।

यह डील माइक्रोसॉफ्ट की उस रणनीति को दिखाती है, जिसके तहत वह Azure को AI-आधारित स्टार्टअप्स के लिए पसंदीदा क्लाउड प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है। माइक्रोसॉफ्ट अलग-अलग AI मॉडल प्रोवाइडर्स तक लचीली पहुंच देकर स्टार्टअप्स को आकर्षित कर रहा है, जबकि OpenAI के साथ उसका व्यावसायिक रिश्ता भी लगातार मजबूत हो रहा है। वहीं Perplexity के लिए यह समझौता तेजी से बदलते AI सर्च और आंसर इंजन बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी स्केल और बैकअप क्षमता देता है, जहां ChatGPT, Google Gemini और Anthropic आधारित ऐप्स जैसी बड़ी कंपनियां मौजूद हैं।

साल 2022 में स्थापित Perplexity अपनी संदर्भ-आधारित (citation-driven) AI सर्च इंटरफेस के लिए जानी जाती है। यह रियल-टाइम वेब जानकारी और बड़े लैंग्वेज मॉडल्स को जोड़कर पारंपरिक सर्च इंजनों का विकल्प पेश करती है। AI आधारित जानकारी टूल्स की बढ़ती मांग के बीच कंपनी को निवेशकों से काफी समर्थन मिला है, जिसमें Nvidia जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

हालांकि, Perplexity को कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। 2025 में Amazon ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। Amazon का आरोप था कि Perplexity के “एजेंटिक” शॉपिंग फीचर ने उसके ग्राहकों के अकाउंट्स तक गलत तरीके से पहुंच बनाई और ऑटोमेटेड गतिविधियों को इंसानी ब्राउज़िंग की तरह दिखाया। इस मामले ने उन कानूनी और नियामकीय जोखिमों को उजागर किया है, जिनका सामना उपभोक्ता प्लेटफॉर्म्स के साथ सीधे काम करने वाले AI एजेंट्स को करना पड़ रहा है।

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