कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, “यह एक ऐसी क्षति है जिसे कई लोग गहराई से महसूस कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं समीर के परिवार, मित्रों और उन सभी के साथ हैं जिन्हें उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानने का सौभाग्य मिला।”
आईसर्टिस (Icertis ) के सीईओ आनंद सुब्रमण्यम ने कहा, “समीर हर मायने में एक अग्रदूत थे। उनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व ने आईसर्टिस को आज जिस मुकाम पर पहुंचाया है, उसकी नींव रखी। कंपनी, उसके मिशन, उसके लोगों और उसकी क्षमता पर उनका विश्वास अडिग था। उनके जाने का शोक मनाते हुए भी हम उन्हीं मूल्यों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेंगे और उनकी विरासत को सम्मान देने की जिम्मेदारी निभाएंगे।”
आईसर्टिस के को-फाउंडर और सीटीओ मोनिश डारदा ने कहा, “समीर में दूसरों को अपनी ऊर्जा और उत्साह से प्रेरित करने की दुर्लभ क्षमता थी। वे पूरे विश्वास के साथ नेतृत्व करते थे। उन्होंने हम सभी को बड़ा सोचने, ईमानदारी से काम करने और एक मजबूत व स्थायी कंपनी बनाने के लिए प्रेरित किया। आज जो कंपनी हम हैं, वह उनके विजन का प्रमाण है और उनका प्रभाव हमेशा याद रखा जाएगा।”
समीर बोडस का जन्म पुणे, भारत में हुआ था। वे 1982 में स्नातक की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ऑस्टिन से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत नेशनल इंस्ट्रूमेंट्स में सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने व्हार्टन बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की और 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े, जहां उन्होंने सेल्स और मार्केटिंग से जुड़ी कई अहम भूमिकाएं निभाईं।
साल 2000 के शुरुआती वर्षों में समीर ने उद्यमिता की राह चुनी और iMandi, Jamcracker, Disha Technology और Aztecsoft जैसे उपक्रमों से जुड़े। वर्ष 2009 में उनकी मुलाकात मोनिश डारदा से हुई और दोनों ने मिलकर क्लाउड कंप्यूटिंग के उभरते दौर में आईसर्टिस की स्थापना की।
कंपनी के अनुसार, समीर ने आईसर्टिस को कॉन्ट्रैक्ट इंटेलिजेंस के क्षेत्र में निर्विवाद नेता के रूप में स्थापित किया। बयान में कहा गया, “उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी उद्यम में कॉन्ट्रैक्ट्स की भूमिका कितनी अहम होती है और कॉन्ट्रैक्ट इंटेलिजेंस को एक ऐसे महत्वपूर्ण सिस्टम के रूप में स्थापित किया, जिस पर फॉर्च्यून 100 की एक-तिहाई से अधिक कंपनियां भरोसा करती हैं।”