यह नियुक्ति कंपनी के अगले ग्रोथ फेज की तैयारी को दर्शाती है। उन्होंने अगास्त्य डालमिया की जगह ली है, जो ब्रांड के प्रमोटर और फाउंडर हैं और जिन्होंने इस पुराने ब्रांड को नई पीढ़ी के लिए फिर से स्थापित किया।
शौर्य प्रभात 2017 में Keventers से जुड़े थे, जब कंपनी मुख्य रूप से फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करती थी। पिछले आठ वर्षों में उन्होंने बिजनेस डेवलपमेंट, स्ट्रेटेजी, ऑपरेशंस, HR, मार्केटिंग और बिजनेस एक्सीलेंस जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया और कंपनी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।
Keventers से पहले, उन्होंने The Smart Cube (अब WNS का हिस्सा) में काम किया, जहां उन्होंने रिटेल, बैंकिंग, फार्मा और ऑयल-गैस जैसे क्षेत्रों में Fortune 100 कंपनियों को सलाह दी। उन्होंने University of London से Economics में BSc और University of Warwick से MSc किया है।
शौर्य प्रभात ने कहा, “मैं बोर्ड का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे कंपनी के अगले ग्रोथ फेज की जिम्मेदारी दी। पिछले आठ सालों में मैंने सीखा है कि लक्ष्य हमेशा एक ही रहता है- कंपनी और ब्रांड को आगे बढ़ाना, ईमानदारी के साथ काम करना। अगर आप अपने काम को सही तरीके से करते हैं, तो अच्छे परिणाम खुद मिलते हैं। आने वाले समय के अवसरों को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं।”
उनके नेतृत्व में Keventers अपने ऑफलाइन नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसके तहत अगले एक साल में 70 नए आउटलेट खोले जाएंगे। कंपनी अगले तीन साल में अपने बिजनेस को तीन गुना करने और पांच साल में इसे और दोगुना करने का लक्ष्य रखती है।
अपने मुख्य रिटेल बिजनेस के अलावा, Keventers अब FMCG, क्विक कॉमर्स और इंस्टीट्यूशनल सेल्स में भी विस्तार कर रही है। इसका मकसद “House of Brands” बनाना है, जो खासकर युवा भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। यह ट्रेंड पूरे फूड और बेवरेज इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रहा है।
ब्रांड अब बदलती ग्राहक पसंद, खासकर Gen Z को ध्यान में रखते हुए खुद को अपडेट कर रहा है। इसमें डिजिटल एंगेजमेंट बढ़ाना, नए एक्सपीरियंस-आधारित स्टोर फॉर्मेट लाना और मेन्यू में waffles, boba और cheesecake ice creams जैसे नए प्रोडक्ट जोड़ना शामिल है।
फाउंडर अगास्त्य डालमिया ने कहा, “मैंने शौर्य के साथ आठ साल काम किया है और उन्हें लंबे समय से जानता हूं। उन्होंने कंपनी के लगभग हर बड़े फैसले में अहम भूमिका निभाई है और मुश्किल समय जैसे कोविड, बिजनेस बदलाव, फंडरेजिंग और गवर्नेंस में कंपनी को सही दिशा दी है। मुझे उन पर पूरा भरोसा है कि वह कंपनी को आगे और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
यह नेतृत्व बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारत के संगठित बेवरेज और डेजर्ट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है और कंपनियां नए-नए फॉर्मेट और बिजनेस मॉडल अपना रही हैं।