मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया (Mitsubishi Electric India) ने अर्थवॉच इंस्टीट्यूट इंडिया (Earthwatch Institute India) के सहयोग से वर्ल्ड अर्थ डे 2026 के अवसर पर पुणे के पास तालेगांव दाभाडे झील पर एक विशेष ऑन-ग्राउंड कर्मचारी सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया। यह पहल कंपनी के झील संरक्षण पर केंद्रित CSR कार्यक्रम का हिस्सा है।
कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों ने “Walk & Talk” सत्र में भाग लिया, जहां डिजिटल फील्ड गाइड और इंटरएक्टिव एप्स के माध्यम से शहरी ब्लू और ग्रीन स्पेस के महत्व को समझा। इसके बाद क्लीन-अप ड्राइव और पौधारोपण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य झील के पर्यावरण को बेहतर बनाना था।
इस दौरान प्रतिभागियों को कार्बन और वॉटर फुटप्रिंट पर भी जानकारी दी गई, जिसमें ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन, एयर क्वालिटी सिस्टम और वॉटर क्वालिटी असेसमेंट जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का समापन समूह चर्चा और रिफ्लेक्शन सत्र के साथ हुआ, जिससे पर्यावरण के प्रति दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा मिले।
यह पहल मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया के झील संरक्षण CSR कार्यक्रम के एक वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है, जिसे FY 2024-25 में शुरू किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत तालेगांव और आसपास के क्षेत्रों में झीलों की बायोडायवर्सिटी मैपिंग, डिजिटल फील्ड गाइड का विकास और छात्रों, महिला समूहों व स्थानीय समुदायों की भागीदारी से सिटीजन साइंस गतिविधियां संचालित की गई हैं।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अत्सुशी ताकासे (Atsushi Takase) ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है।
जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के बीच, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया की यह पहल स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो कंपनी के “Changes for the Better” विजन और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है।