देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विकसित 30 केडब्ल्यू वाइड बैंड गैप (WBG) आधारित एकीकृत संचालन प्रणाली (IDS) का आज Chennai में शुभारंभ किया गया। इस उन्नत तकनीक को C-DAC, तिरुवनंतपुरम ने Indian Institute of Technology Madras और Lucas TVS के साथ मिलकर नेशनल मिशन ऑन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (NAMPET) के तहत विकसित किया है। इसका उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने आईआईटी मद्रास में किया।
यह पहल एडवांस्ड पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 30kW पावर क्लास विशेष रूप से भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक यात्री वाहन सेगमेंट—जिसमें कॉम्पैक्ट कारें और फ्लीट मोबिलिटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं—के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में उच्च-प्रदर्शन ईवी पावरट्रेन और सेमीकंडक्टर-आधारित ड्राइव कंपोनेंट्स का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता है। इस स्वदेशी प्रणाली से आयात निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और उत्पादन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी राष्ट्रीय पहलों को बल मिलेगा।
लुकास टीवीएस के सहयोग से इस तकनीक को सफलतापूर्वक डिजाइन, फैब्रिकेट और वैलिडेट किया गया है तथा अब यह व्यावसायीकरण और बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए तैयार है। इसके अपनाने से भारत की ईवी आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, थर्मल सिस्टम तथा कंट्रोल हार्डवेयर क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
अपने संबोधन में एस. कृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” की परिकल्पना अत्याधुनिक विद्युत इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक के स्वदेशी विकास से साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि आरएंडडी संस्थानों, शैक्षणिक जगत और उद्योग के सहयोग से भारत टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्माता और निर्यातक देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
नई 30kW एकीकृत संचालन प्रणाली इलेक्ट्रिक मोटर और इन्वर्टर को एक कॉम्पैक्ट, हाई पावर-डेंसिटी यूनिट में एकीकृत करती है, जो पारंपरिक अलग-अलग मोटर-ड्राइव कॉन्फ़िगरेशन
की जगह लेती है। यह इनोवेशन डोमेस्टिक इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को मजबूत करेगा, स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करेगा और ईवी क्षेत्र में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।