हिमाचल प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कमर्शियल, सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक इमारतों तथा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह प्रावधान हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्रामीण योजना (Himachal Pradesh Town and Country Planning (17th Amendment) Rules, 2026 के तहत लागू किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री राजेश धर्माणी (Rajesh Dharmani) ने कहा कि यह कदम मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप है, जिससे राज्य का भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग के साथ विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास नीतियों में स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने HP Energy Conservation Building Code (HPECBC) Rules 2018 को सख्ती से लागू किया है। इन नियमों के तहत 750 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले होटल, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसे विशेष भवनों को ऊर्जा संरक्षण मानकों का पालन करने पर अतिरिक्त 0.25 फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) दिया जाएगा, जो बेस FAR 1.75 से अधिक होगा।
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए डेवलपर्स को अब ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (Bureau of Energy Efficiency) द्वारा अधिकृत एनर्जी ऑडिटर्स की सेवाएं लेनी होंगी, जो परियोजना के डिज़ाइन की जांच करेंगे और निर्माण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके बाद ही नगर निकायों द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
इसके अलावा, 18th Amendment Rules, 2026 के तहत रियल एस्टेट परियोजनाओं में प्रीमियम FAR के लिए नई शुल्क संरचना भी तय की गई है। इसके अनुसार 0.25 तक प्रीमियम FAR के लिए 3,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 0.50 से अधिक FAR के लिए 7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक शुल्क निर्धारित किया गया है।
सरकार के अनुसार ये शुल्क पहले से पूर्ण परियोजनाओं पर लागू नहीं होंगे, लेकिन चल रही परियोजनाओं के नए ब्लॉक्स और आने वाले सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर अनिवार्य होंगे। यह व्यवस्था डेवलपर्स को योजना के शुरुआती चरण में अतिरिक्त FAR खरीदने की सुविधा भी देगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भवन नियमों में शामिल करना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और राज्य को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।