इंदौर में स्थित एडटेक स्टार्टअप ‘पढ़ले’ (Padhle) को अमेरिका की वैश्विक शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी ‘Filadd’ से अघोषित राशि में निवेश मिला है। इस निवेश के साथ दोनों कंपनियों ने भारत में NEET परीक्षा की तैयारी के लिए एक नई तकनीक-आधारित लर्निंग प्लेटफॉर्म शुरू करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।
भारत के तेजी से बढ़ते एडटेक सेक्टर में एक और महत्वपूर्ण साझेदारी सामने आई है। इंदौर स्थित स्टार्टअप ‘पढ़ले’ को अमेरिका की वैश्विक शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Filadd से निवेश प्राप्त हुआ है। इस निवेश के साथ दोनों कंपनियां भारत में NEET परीक्षा की तैयारी के लिए तकनीक आधारित, व्यक्तिगत और किफायती लर्निंग मॉडल विकसित करने की दिशा में काम कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल पारंपरिक कोचिंग व्यवस्था को नई चुनौती दे सकती है और छात्रों को अधिक प्रभावी डिजिटल शिक्षण अनुभव प्रदान कर सकती है।
यूट्यूब से शुरू होकर बना तेजी से बढ़ता प्लेटफॉर्म
‘पढ़ले’ की शुरुआत वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान दो बचपन के दोस्तों अथर्व पुराणिक और प्रणय चौहान ने की थी। शुरुआत में यह केवल कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए मुफ्त शैक्षणिक कंटेंट देने वाला एक यूट्यूब चैनल था। सरल भाषा और छात्रों से जुड़ी हुई पढ़ाने की शैली के कारण यह प्लेटफॉर्म जल्दी ही Gen-Z छात्रों के बीच लोकप्रिय हो गया। आज ‘पढ़ले’ फ्रीमियम मॉडल पर काम करता है, जिसमें- यूट्यूब के जरिए मुफ्त पढ़ाई, मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर संरचित पेड कोर्स और एंड्रॉयड, iOS और वेब प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता है।
कंपनी Padhle.in (कक्षा 9–10), Padhle Tenthies, Just Padhle और Padhle NEET जैसे अलग-अलग शैक्षणिक वर्टिकल भी संचालित करती है।
पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप ने तेजी से विकास किया है। वर्तमान में कंपनी के पास लगभग 25-30 पेशेवरों की इन-हाउस टीम है, जिसमें शिक्षक, टेक डेवलपर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, अकादमिक रणनीतिकार और छात्र सहायता विशेषज्ञ शामिल हैं: पारंपरिक ऑनलाइन मॉडल से आगे बढ़ने की कोशिश, भारत में एडटेक सेक्टर के तेजी से विस्तार के साथ डिजिटल शिक्षा को काफी लोकप्रियता मिली है। हालांकि समय के साथ कई प्लेटफॉर्म बड़े बैच और एक जैसे कंटेंट डिलीवरी मॉडल तक सीमित हो गए।
रिकॉर्डेड लेक्चर, हजारों छात्रों के बड़े बैच और सीमित व्यक्तिगत मार्गदर्शन अब ऑनलाइन कोचिंग का सामान्य ढांचा बन गया है। ‘पढ़ले’ इस पारंपरिक मॉडल से अलग दिशा में काम करने की कोशिश कर रहा है। कंपनी की नई NEET पहल सीमित बैच प्रवेश पर आधारित होगी, ताकि हर छात्र को व्यक्तिगत ध्यान और बेहतर शैक्षणिक सुधार मिल सके।
प्लेटफॉर्म छात्रों के परफॉर्मेंस डेटा, व्यवहारिक पैटर्न और फीडबैक के आधार पर अपने शिक्षण मॉडल को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है। फंडिंग मिलने के बाद ‘पढ़ले’ ने देशभर से अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़कर अपनी अकादमिक टीम को और मजबूत किया है।
वैश्विक सहयोग के साथ NEET तैयारी में नई पहल
हर साल 20 लाख से अधिक छात्र NEET परीक्षा देते हैं। ऐसे में भारत का मेडिकल एंट्रेंस तैयारी बाजार बेहद प्रतिस्पर्धी बन चुका है, जहां महंगे ऑफलाइन कोचिंग संस्थान और पारंपरिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दबदबा है। वहीं इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, कई एडटेक कंपनियां अभी भी मास एनरोलमेंट मॉडल पर निर्भर हैं, जहां व्यक्तिगत मार्गदर्शन सीमित होता है।
‘पढ़ले’ और Filadd की साझेदारी एक टेक्नोलॉजी-आधारित वैकल्पिक मॉडल पेश करने की दिशा में काम कर रही है। इस नए मॉडल की प्रमुख विशेषताएं होंगी:
- वन-टू-वन मेंटरशिप
- किफायती कोर्स फीस
- डेटा आधारित प्रदर्शन विश्लेषण
- मानसिक स्वास्थ्य और प्रदर्शन परामर्श
- AI आधारित व्यक्तिगत अध्ययन योजना
- छात्र की ताकत और कमजोरी के अनुसार पढ़ाई की सामग्री
- इसके अलावा छात्रों को पूरे तैयारी समय के दौरान 24×7 मेंटर सपोर्ट और रियल-टाइम डाउट सॉल्विंग सिस्टम भी दिया जाएगा।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्रों पर अक्सर अधिक पढ़ाई का दबाव और मानसिक तनाव रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहायता, व्यक्तिगत काउंसलिंग सत्र और लगातार मानसिक स्वास्थ्य मॉनिटरिंग को भी शामिल किया गया है। इस तरह की संरचित मानसिक सहायता प्रणाली पारंपरिक कोचिंग संस्थानों में अक्सर देखने को नहीं मिलती।
फाउंडर्स ने क्या कहा
पढ़ले के, को-फाउंडर प्रणय चौहान ने कहा कि यह साझेदारी केवल फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में छात्र-केंद्रित और व्यक्तिगत NEET तैयारी इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं को-फाउंडर अथर्व पुराणिक का कहना है कि एडटेक में नवाचार केवल बड़े कंटेंट लाइब्रेरी या ज्यादा नामांकन तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनका फोकस छोटे बैच, मजबूत मेंटर-स्टूडेंट संबंध और लगातार प्रदर्शन ट्रैकिंग पर है।
Filadd के एक प्रवक्ता ने भी कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते शिक्षा बाजारों में से एक है और यह साझेदारी तकनीक-संचालित, व्यक्तिगत शिक्षा मॉडल को आगे बढ़ाने की साझा सोच पर आधारित है।