भारत के मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में फरवरी 2026 के दौरान गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रहीं और प्रमुख ट्रंक रूट्स पर ट्रक रेंटल महीने-दर-महीने लगभग स्थिर रहा। यह जानकारी Shriram Finance Limited द्वारा जारी नवीनतम Shriram Mobility Bulletin में सामने आई है।
हालांकि मासिक आधार पर ट्रेंड स्थिर रहा, लेकिन कई प्रमुख कॉरिडोर में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। दिल्ली–मुंबई–दिल्ली रूट पर ट्रक रेंटल में 8% की बढ़ोतरी हुई, जबकि दिल्ली–कोलकाता–दिल्ली और मुंबई–चेन्नई–मुंबई मार्गों पर 6% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं बेंगलुरु–मुंबई–बेंगलुरु रूट में 5% और गुवाहाटी–मुंबई–गुवाहाटी कॉरिडोर में 4% की सालाना वृद्धि देखी गई।
फरवरी में वाहन बिक्री भी अधिकांश श्रेणियों में महीने-दर-महीने धीमी रही, जो इस अवधि के लिए सामान्य मौसमी रुझान माना जाता है। पैसेंजर व्हीकल बिक्री में 28% और दो-पहिया वाहनों की बिक्री में 8% की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्राहकों ने मार्च में आने वाले गुड़ी पड़वा और उगादी त्योहारों के दौरान संभावित ऑफर्स की उम्मीद में खरीदारी को टाल दिया।
हालांकि कुछ सेगमेंट में मजबूत वृद्धि भी देखने को मिली। बस बिक्री में 34% और मैक्सी कैब बिक्री में 21% की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो यात्री परिवहन और संस्थागत मोबिलिटी में मांग को दर्शाती है। सालाना आधार पर गुड्स कैरियर और तीन-पहिया मालवाहक वाहनों की बिक्री 32%, कमर्शियल ट्रैक्टर बिक्री 33%, और मैक्सी कैब बिक्री 35% बढ़ी।
इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में मिश्रित रुझान देखने को मिला। जहां मासिक आधार पर बिक्री में गिरावट आई, वहीं सालाना आधार पर मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रिक दो-पहिया वाहनों की बिक्री 66%, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री 246%, और इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 116% बढ़ी। रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि शहरी आवागमन की बढ़ती मांग और शहरों में लास्ट-माइल डिलीवरी फ्लीट के विस्तार के कारण हुई है।
लॉजिस्टिक्स से जुड़े अन्य संकेतकों में भी कुछ नरमी देखी गई। फरवरी में FASTag ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 26.1% और वैल्यू में 25.1% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पेट्रोल और डीजल की खपत लगभग 4% कम रही। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसमी कारणों और कुछ व्यापारिक मार्गों पर धीमी माल ढुलाई ने इस स्थिति में योगदान दिया।
आगे के महीनों के लिए रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि रबी फसल की कटाई के साथ कृषि उत्पादों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे मार्च 2026 में ट्रक रेंटल में सुधार हो सकता है। वहीं आने वाले खरीफ बुवाई सीजन से कृषि उपकरणों की मांग भी बढ़ने की संभावना है। हालांकि संभावित ईंधन कीमतों में वृद्धि को माल ढुलाई मार्जिन के लिए एक जोखिम कारक बताया गया है।
श्रीराम मोबिलिटी बुलेटिन (Shriram Mobility Bulletin) एक मासिक रिपोर्ट है जिसे श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (Shriram Finance Limited) द्वारा प्रकाशित किया जाता है। कंपनी भारत की प्रमुख रिटेल एसेट फाइनेंसिंग एनबीएफसी (NBFC) में से एक है और इसके प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति 2.91 ट्रिलियन से अधिक है। यह बुलेटिन कंपनी के देशभर में फैले फ्लीट मालिकों और वाहन डीलरों के नेटवर्क के माध्यम से लॉजिस्टिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के रुझानों का विश्लेषण करता है।