तिलकनगर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (टीआई), जो भारतीय-निर्मित विदेशी शराब (IMFL) क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, ने इम्पीरियल ब्लू व्हिस्की के अधिग्रहण के बाद शानदार शुरुआत दर्ज की है। दिसंबर 2025 में, अधिग्रहण के बाद पहले ही महीने में, इम्पीरियल ब्लू की 1.79 मिलियन केस की प्राइमरी बिक्री दर्ज की गई, जो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
तिलकनगर इंडस्ट्रीज़ के प्रेसिडेंट – सेल्स निशांत जैन ने कहा कि अधिग्रहण के बाद इम्पीरियल ब्लू की पहली महीने की बिक्री कंपनी की मजबूत वितरण क्षमता और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। यह उपलब्धि ब्रांड के अधिग्रहण के रणनीतिक फैसले को सही साबित करती है और टीआई के पैन-इंडिया IMFL खिलाड़ी बनने की दिशा में अहम कदम है।
इम्पीरियल ब्लू के एकीकरण के साथ-साथ, कंपनी के मौजूदा पोर्टफोलियो ने भी स्थिर प्रदर्शन किया। इम्पीरियल ब्लू को छोड़कर, तिलकनगर इंडस्ट्रीज़ के कोर बिज़नेस ने दिसंबर 2025 में 1.30 मिलियन केस की प्राइमरी बिक्री दर्ज की। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी का परिचालन दायरा और व्यापक हुआ है और अब यह कई राज्यों में मजबूत उपस्थिति के साथ पैन-इंडिया खिलाड़ी बन चुकी है।
दक्षिण भारत में कंपनी के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। इस क्षेत्र में सेकेंडरी बिक्री 2.11 मिलियन केस रही। इसके साथ ही तिलकनगर इंडस्ट्रीज़ दक्षिण भारत के IMFL बाजार में 9.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय कंपनी बनी, जबकि प्रेस्टीज और उससे ऊपर श्रेणी में 32 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ अग्रणी स्थान हासिल किया।
राज्य स्तर पर भी कंपनी ने मजबूत पकड़ बनाई। तेलंगाना में टीआई 1 मिलियन केस की बिक्री और कुल IMFL बाजार में 21.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी कंपनी बन गई, जबकि प्रेस्टीज और उससे ऊपर श्रेणी में इसकी हिस्सेदारी 32 प्रतिशत रही। आंध्र प्रदेश में कंपनी 6.37 लाख केस की बिक्री और 17.2 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ दूसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी बनी और प्रेस्टीज एवं उससे ऊपर श्रेणी में 38.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ नेतृत्व किया। कर्नाटक में भी टीआई ने प्रेस्टीज और उससे ऊपर श्रेणी में 39 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
तिलकनगर इंडस्ट्रीज़ के प्रेसिडेंट – स्ट्रैटेजी एंड कॉरपोरेट डेवलपमेंट अमेय देशपांडे ने कहा कि जैसे-जैसे इम्पीरियल ब्लू का एकीकरण आगे बढ़ेगा, कंपनी को परिचालन और वितरण स्तर पर बेहतर तालमेल, सप्लाई-चेन दक्षता और मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।
दिसंबर का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बड़े पैमाने पर किए गए अधिग्रहण और मजबूत वितरण रणनीति किस तरह भारत के IMFL सेक्टर में प्रतिस्पर्धी समीकरणों को बदल रहे हैं, खासकर दक्षिण भारत जैसे उच्च-खपत वाले बाजारों में, जहाँ प्रीमियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।