भारत और फिनलैंड ने कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और कुशल कार्यबल की अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की है। इस संबंध में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने फिनलैंड के रोजगार मंत्री मटियास मार्टिनेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
बैठक में दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा इकोसिस्टम बनाने और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया गया। साथ ही संस्थानों, उद्योगों और प्रशिक्षण प्रणालियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि कुशल युवाओं को वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें।
भारत बन रहा वैश्विक कौशल केंद्र
बैठक के दौरान जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत भारत तेजी से वैश्विक कौशल राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया के सबसे युवा और गतिशील कार्यबल में से एक है, जिसे तेजी से विकसित हो रहे कौशल विकास तंत्र का समर्थन मिल रहा है। इससे भारत वैश्विक उद्योगों को कुशल प्रतिभा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत और फिनलैंड की तकनीकी व व्यावसायिक विशेषज्ञता मिलकर कौशल क्षेत्र में एक मजबूत और स्वाभाविक साझेदारी बना सकती है।
भारतीय पेशेवरों की सराहना
फिनलैंड के रोजगार मंत्री मटियास मार्टिनेन ने भारत के साथ बढ़ते सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे भारतीय पेशेवरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की मजबूत कौशल प्रणाली और युवा प्रतिभा भविष्य में सहयोग के कई अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाकर नवाचार, कौशल विकास और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, हरित प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने यह भी माना कि कुशल पेशेवरों को वैश्विक अवसर देने के साथ-साथ प्रशिक्षण, प्रमाणन और श्रमिक कल्याण के उच्च मानकों को बनाए रखना भी जरूरी है।
संस्थागत साझेदारी पर जोर
दोनों देशों ने व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी बढ़ाने, ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और उद्योग आधारित कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा प्रशिक्षकों की क्षमता निर्माण, भाषा प्रशिक्षण और ऐसे मार्ग विकसित करने पर भी चर्चा हुई, जिनसे विद्यार्थी व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता भी प्राप्त कर सकें।
सहयोग जारी रखने पर सहमति
बैठक के अंत में भारत और फिनलैंड ने कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने, व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने और नैतिक तथा सतत कार्यबल गतिशीलता को बढ़ावा देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने संस्थागत साझेदारी और निरंतर संवाद के माध्यम से भविष्य में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।