होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) (एचआरएडब्ल्यूआई) ने कमर्शियल LPG सप्लाई में जारी व्यवधान के चलते महाराष्ट्र सरकार से राहत उपायों की मांग की है। संगठन ने डिप्टी सीएम सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को पत्र लिखकर वार्षिक लाइसेंस शुल्क की अंतिम तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल करने का अनुरोध किया है। साथ ही, वैकल्पिक रूप से चार तिमाही किश्तों में भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
उद्योग के अनुसार, LPG की कमी के कारण राज्य और देशभर में करीब 30–35% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं, जबकि कई अन्य सीमित समय और मेन्यू के साथ काम कर रहे हैं। यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले 2–3 दिनों में और व्यवसाय बंद होने का खतरा है।
इस संकट के चलते हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को 25–30% तक का नुकसान हुआ है। इवेंट कैंसिलेशन, कम ऑक्यूपेंसी और बढ़ती लागत जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उद्योग ने चेतावनी दी है कि कैश फ्लो पर दबाव के कारण वेतन, वेंडर पेमेंट और अन्य जरूरी खर्चों पर असर पड़ सकता है।
एचआरएडब्ल्यूआई (HRAWI) ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर LPG सप्लाई बहाल करने और वित्तीय राहत देने की अपील की है, ताकि सेक्टर इस कठिन स्थिति से उबर सके।